द्रव्य की प्रकृति
द्रव्य की परिभाषा, तीन अवस्थाएँ और ठोस–द्रव–गैस के गुण (चित्र + वीडियो सहित)
✅ द्रव्य की प्रकृति
कोई भी वस्तु जो स्थान घेरती है, जिसका द्रव्यमान होता है, द्रव्य / पदार्थ कहलाती है।
✅ द्रव्य की तीन भौतिक अवस्थाएँ
- ठोस
- द्रव
- गैस
(i) ठोस का निश्चित आयतन तथा निश्चित आकार होता है।
(ii) द्रव का निश्चित आयतन होता है, परन्तु आकार निश्चित नहीं होता। वह उसी पात्र का आकार ले लेता है, जिसमें उसे रखा जाता है।
(iii) गैस का आयतन या आकार कुछ भी निश्चित नहीं रहता। वह उस पात्र के आयतन में पूरी तरह फैल जाती है, जिसमें उसे रखा जाता है।
📝 Note
ताप और दाब की परिस्थितियों में परिवर्तन द्वारा द्रव्य की इन तीन अवस्थाओं को एक-दूसरे में परिवर्तित किया जा सकता है।
✅ द्रव्य का वर्गीकरण
1) मिश्रण (Mixture)
दो या दो से अधिक पदार्थ अथवा घटकों का किसी भी अनुपात में भौतिक संयोजन मिश्रण कहलाता है।
उदाहरण: जल में चीनी का विलयन, हवा, चाय आदि सभी मिश्रण होते हैं।
2) समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture)
किसी समांगी मिश्रण में घटक एक-दूसरे में पूर्णतया मिश्रित होते हैं तथा पूरे मिश्रण का संघटन एक समान होता है।
उदाहरण: जल में चीनी का विलयन, हवा।
3) विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture)
इसके विपरीत विषमांगी मिश्रण में संघटन पूरे मिश्रण में एक समान नहीं होता। कभी-कभी विभिन्न घटकों को अलग-अलग देखा जा सकता है।
उदाहरण: चीनी और नमक तथा दाल के दानों और गंदगी (प्रायः छोटे कण) का मिश्रण।
📝 नोट
किसी मिश्रण के घटकों को हाथ से चुनकर, छानने, क्रिस्टलीकरण, आसवन आदि भौतिक विधियों के उपयोग द्वारा अलग किया जा सकता है।
4) शुद्ध पदार्थ (Pure Substance)
इनका संघटन निश्चित होता है। तांबा, चांदी, सोना, जल, ग्लूकोज आदि शुद्ध पदार्थों के कुछ उदाहरण हैं।
ग्लूकोज में कार्बन : हाइड्रोजन : ऑक्सीजन (1 : 2 : 1) एक निश्चित अनुपात में होते हैं, इसलिए इसमें निश्चित संघटन होता है।
शुद्ध पदार्थ के संघटकों को सामान्य भौतिक विधियों द्वारा पृथक नहीं किया जा सकता।
शुद्ध पदार्थों को पुनः तत्वों तथा यौगिकों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
5) तत्व (Element)
किसी तत्व में एक ही प्रकार के कण होते हैं। ये कण परमाणु या अणु हो सकते हैं।
उदाहरण: सोडियम, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, तांबा, चांदी आदि। इन सब में एक ही प्रकार के परमाणु होते हैं, परंतु विभिन्न तत्वों के परमाणु भिन्न होते हैं।
सोडियम अथवा तांबे जैसे कुछ तत्वों में एकल परमाणु घटक कणों के रूप में उपस्थित होते हैं, जबकि कुछ अन्य तत्वों में दो या अधिक परमाणु संयोजित होकर उस तत्व के अणु बनाते हैं।
अतः हाइड्रोजन, नाइट्रोजन तथा ऑक्सीजन गैसों में इन तत्वों के अणु उपस्थित होते हैं, जो क्रमशः इनके दो-दो परमाणुओं के संयोजन से बनते हैं।
📝 नोट
प्रकृति में 118 तत्वों की खोज की जा चुकी है (92 प्रकृति में तथा 26 मानव द्वारा निर्मित)।
6) यौगिक (Compound)
जब भिन्न तत्वों के दो या दो से अधिक परमाणु संयोजित होते हैं, तब यौगिक का एक अणु प्राप्त होता है।
यौगिकों के गुण तत्वों के गुणों से भिन्न होते हैं। उदाहरण: H2 एक ज्वलनशील गैस तथा O2 गैस है, परंतु इनका उत्पाद जल H2O एक द्रव है।
यौगिकों के घटकों को भौतिक विधियों के उपयोग द्वारा अलग नहीं किया जा सकता।
उदाहरण: जल (H2O), अमोनिया (NH3), कार्बन-डाइऑक्साइड (CO2), चीनी (C12H22O11) आदि।
✅ मापन की इकाइयाँ
किसी भौतिक राशि को दो प्रकार से व्यक्त किया जाता है— परिमाण तथा मात्रक / इकाई।
भौतिक राशि का मान = परिमाण + इकाई
यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान … है, तो उसका मान इकाई सहित लिखा जाता है।
✅ मात्रकों की विभिन्न पद्धति
| पद्धति | लम्बाई | द्रव्यमान | समय | विद्युत धारा | पदार्थ की मात्रा | ताप | प्रकाश तीव्रता |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| CGS | सेंटीमीटर (cm) | ग्राम (g) | सेकण्ड (s) | — | — | — | — |
| MKS | मीटर (m) | किलोग्राम (kg) | सेकण्ड (s) | — | — | — | — |
| SI | मीटर (m) | किलोग्राम (kg) | सेकण्ड (s) | ऐम्पियर (A) | मोल (mol) | केल्विन (K) | कैंडेला (cd) |
Tip: SI पद्धति में 7 मूल मात्रक होते हैं।
❓ प्रश्न
द्रव्यमान का SI मात्रक क्या है? इसे किस प्रकार परिभाषित किया जाता है?
✅ मूल मात्रक
भौतिक राशि को सात राशियों के आधार पर मापा जाता है। इन राशियों को मूल राशियाँ तथा इनके मात्रकों को मूल मात्रक कहते हैं।
| लम्बाई | द्रव्यमान | समय | विद्युत धारा | पदार्थ की मात्रा | ताप | प्रकाश तीव्रता |
|---|---|---|---|---|---|---|
| मीटर (m) | किलोग्राम (kg) | सेकण्ड (s) | ऐम्पियर (A) | मोल (mol) | केल्विन (K) | कैंडेला (cd) |
❓ प्रश्न
निम्नलिखित को मूल मात्रकों (SI) में परिवर्तित कीजिए— (i) 28.7 pm (ii) 15.15 pm (iii) 25365 mg
✅ व्युत्पन्न मात्रक
व्युत्पन्न मात्रक वे हैं जो मूल राशियों से प्राप्त किए जाते हैं। उदाहरण: (आप यहाँ examples add कर सकते हैं)
✅ द्रव्यमान और भार (Mass & Weight)
| द्रव्यमान Mass (m) | भार Weight (w) |
|---|---|
|
|
सम्बन्ध: w = m g (जहाँ g = गुरुत्व त्वरण)
✅ आयतन (Volume)
आयतन = लम्बाई × चौड़ाई × ऊँचाई
आयतन का SI मात्रक = m × m × m = m3
Note: लीटर SI मात्रक नहीं होता है। यह केवल द्रव के आयतन को मापने के काम में लिया जाता है।
1 L = 1000 ml = 1000 cm3 = 1 dm3
✅ घनत्व (Density)
किसी पदार्थ का उसके एकांक आयतन में उपस्थित द्रव्यमान, उस पदार्थ का घनत्व कहलाता है।
- किसी पदार्थ के घनत्व से यह ज्ञात होता है कि उसमें कण कितने पास-पास हैं।
- किसी पदार्थ में कण जितने अधिक पास-पास होंगे, उस पदार्थ का घनत्व उतना ही अधिक होगा।
घनत्व (d) = द्रव्यमान (mass) / आयतन (volume)
SI मात्रक = kg/m3 या kg m−3
घनत्व का SI मात्रक kg m−3 बड़ा होने के कारण, इसके स्थान पर प्रायः इसके CGS मात्रक g cm−3 में व्यक्त किया जाता है।
✅ ताप (Temperature)
ताप को तीन प्रकार से माप सकते हैं — K (केल्विन, SI मात्रक), °C (डिग्री सेल्सियस) तथा °F (डिग्री फ़ारेनहाइट)।
रूपांतरण: °F = 9/5(°C) + 32
K = °C + 273.15
✅ SI पद्धति में प्रयुक्त पूर्वलन (Prefixes)
| गुणांक | पूर्वलन | संकेत | गुणांक | उपसर्ग | संकेत |
|---|---|---|---|---|---|
| 1024 | योट्टा | Y | 10−1 | डेसी | d |
| 1021 | जेटा | Z | 10−2 | सेंटी | c |
| 1018 | एक्सा | E | 10−3 | मिलि | m |
| 1015 | पेटा | P | 10−6 | माइक्रो | μ |
| 1012 | टेरा | T | 10−9 | नैनो | n |
| 109 | गीगा | G | 10−12 | पिको | p |
| 106 | मेगा | M | 10−15 | फेम्टो | f |
| 103 | किलो | k | 10−18 | एट्टो | a |
| 102 | हेक्टो | h | 10−21 | जेटो | z |
| 101 | डेका | da | 10−24 | योक्तो | y |
Tip: 103 = किलो (k) और 10−3 = मिलि (m) सबसे ज्यादा उपयोग होते हैं।
✅ वैज्ञानिक संकेत (Scientific Notation)
इस प्रकार के संकेत में प्रत्येक संख्या को N × 10n के रूप में लिखा जाता है।
N का मान 1.000… और 10 के मध्य कोई भी संख्या हो सकती है।
जैसे — वैज्ञानिक संकेत में 232508 को 2.32508 × 102 के रूप में लिखा जाता है।
✅ नियम (Rules)
- यदि दशमलव बायीं तरफ ले जाए तो घातांक +ve होगा।
- यदि दशमलव दायीं तरफ ले जाए तो घातांक −ve होगा।
✅ सार्थक अंक (Significant Figures)
सार्थक अंक वे अर्थपूर्ण अंक होते हैं, जो किसी राशि को निश्चित रूप से व्यक्त करते हैं। अथवा उन अंकों की संख्या को, जिनके द्वारा किसी राशि को निश्चित रूप से व्यक्त किया जाता है — सार्थक अंक कहते हैं।
✅ नियम (Rules)
-
शून्य के अलावा सभी अंक
सार्थक अंक होते हैं।
उदाहरण: 285 cm में 3 सार्थक अंक और 0.25 mL में 2 सार्थक अंक हैं। -
वह शून्य जो अशून्य अंक के
बाएँ तरफ लिखा जाता है, सार्थक नहीं होता।
ऐसे शून्य केवल दशमलव की स्थिति बताते हैं।
उदाहरण: 0.09 में केवल 1 सार्थक अंक और 0.0045 में 2 सार्थक अंक हैं। -
यदि शून्य दो अंकों के बीच स्थित हो,
तो वह सार्थक होता है।
उदाहरण: 2.005 में 4 सार्थक अंक हैं। -
किसी संख्या के दाईं ओर या अंत में आने वाले
शून्य सार्थक होते हैं,
यदि वे दशमलव के दाईं ओर स्थित हों।
उदाहरण: 0.200 में 3 सार्थक अंक हैं। -
दशमलव-रहित संख्याओं में दाईं ओर के शून्य
सार्थक नहीं होते।
उदाहरण: 100 में केवल 1 सार्थक अंक है; जबकि 100. में 3 सार्थक अंक तथा 100.0 में 4 सार्थक अंक हैं। - 6.023 × 1023 में 4 सार्थक अंक हैं।
❓ प्रश्न 1: निम्नलिखित में सार्थक अंकों की संख्या बताइए
| संख्या | सार्थक अंक | क्यों? |
|---|---|---|
| 0.0025 | 2 | अग्र शून्य सार्थक नहीं; केवल 2 और 5 गिने जाते हैं। |
| 208 | 3 | बीच का शून्य सार्थक होता है। |
| 5005 | 4 | दो अंकों के बीच के शून्य सार्थक होते हैं। |
| 126,000 | 3 | दशमलव नहीं है, इसलिए अंत के शून्य सार्थक नहीं। |
| 500.00 | 5 | दशमलव के बाद/दाईं ओर के शून्य सार्थक होते हैं। |
| 2.0034 | 5 | दशमलव में बीच के शून्य सार्थक होते हैं। |
✅ परिशुद्धता तथा यथार्थपरकता (Precision & Accuracy)
परिशुद्धता (Precision) किसी भी राशि के विभिन्न मापनों के सामीप्य को व्यक्त करती है।
यथार्थपरकता (Accuracy) किसी विशिष्ट प्रायोगिक मान का वास्तविक मान से मेल रखने को व्यक्त करती है।
✅ उदाहरण (Example)
यदि किसी प्रयोग के परिणाम का सही मान 2.00 g है और एक विद्यार्थी A दो मापन करता है, उसे 1.95 g तथा 1.93 g परिणाम प्राप्त होते हैं। ये मान एक-दूसरे के बहुत पास होने के कारण परिशुद्ध हैं, परन्तु यथार्थपरक नहीं हैं।
दूसरा विद्यार्थी B इन्हीं दो मापनों के लिए 1.94 g तथा 2.05 g परिणाम प्राप्त करता है। ये दोनों परिणाम न तो परिशुद्ध हैं और न ही यथार्थपरक।
तीसरा विद्यार्थी C को इन मापनों के लिए 2.01 g तथा 1.99 g परिणाम प्राप्त होते हैं। ये मान परिशुद्ध भी हैं और यथार्थपरक भी।
✅ तालिका (Table)
| Students | 1 | 2 | Avg. (औसत) |
|---|---|---|---|
| A | 1.95 | 1.93 | 1.94 |
| B | 1.94 | 2.05 | 1.99 |
| C | 2.01 | 1.99 | 2.00 |
निष्कर्ष: C के परिणाम सबसे बेहतर हैं क्योंकि वे वास्तविक मान 2.00 g के बहुत पास भी हैं और आपस में भी पास-पास हैं।
✅ संख्याओं के निकटतम मान लिखना (Rounding Off)
✅ नियम (Rules)
- सबसे पहले दाईं ओर के (हटाए जाने वाले) अंक को हटा दिया जाता है।
-
यदि हटाया जाने वाला अंक 5 से कम हो, तो उसके पहले वाला अंक
नहीं बदलता।
उदाहरण: 4.334 में यदि अंतिम 4 को हटाना हो, तो परिणाम 4.33 होगा। -
यदि हटाया जाने वाला अंक 5 से अधिक हो, तो उसके पहले वाले अंक को
1 बढ़ा दिया जाता है।
उदाहरण: 1.386 में यदि 6 हटाना हो, तो निकटतम के बाद 1.39 लिखेंगे। -
यदि सबसे दाईं ओर हटाया जाने वाला अंक 5 हो, तो उसके पहले वाला अंक
सम (Even) होने पर नहीं बदलता,
परन्तु विषम (Odd) होने पर 1 बढ़ा दिया जाता है।
उदाहरण: 6.35 को 5 हटाकर निकटतम करना हो तो 3 (विषम) को बढ़ाकर 4 कर देंगे, परिणाम 6.4। परन्तु 6.25 का निकटतम करने पर 2 (सम) रहेगा, परिणाम 6.2।
❓ प्रश्न 2: निम्नलिखित को तीन सार्थक अंकों तक निकटतम कीजिए
| संख्या | 3 सार्थक अंक तक | छोटा-सा कारण |
|---|---|---|
| 34.216 | 34.2 | पहले 3 अंक: 34.2, अगला अंक 1 (<5) इसलिए नहीं बढ़ेगा। |
| 10.4107 | 10.4 | पहले 3 अंक: 10.4, अगला अंक 1 (<5) इसलिए वही रहेगा। |
| 0.04597 | 0.0460 | पहले 3 सार्थक अंक: 4,5,9; अगला अंक 7 (>5) इसलिए 0.0459 → 0.0460। |
| 2808 | 2810 | पहले 3 अंक: 280, अगला अंक 8 (>5) इसलिए 280 → 281 (हजार के रूप में 2810)। |
Note: 2808 को 3 सार्थक अंक तक करने पर 2810 लिखा जाता है ताकि 281 × 101 के बराबर रहे (यानी 3 significant figures बने रहें)।
✅ विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis)
मात्रकों को एक पद्धति से दूसरी पद्धति में बदलना विमीय विश्लेषण कहलाता है।
| लम्बाई (Length) | आयतन (Volume) | समय (Time) |
|---|---|---|
|
1 ft = 12 inch |
1 L = 1000 ml = 1000 cm3 |
1 day = 24 hr |
❓ प्रश्न-4: धागे का एक टुकड़ा 3 इंच (inch) लंबा है। cm में इसकी लंबाई क्या होगी?
हल: 3 inch = 3 × 2.54 cm = 7.62 cm
Ans: 7.62 cm
❓ प्रश्न-5: एक जग में 2 L दूध है। दूध का आयतन m3 में परिवर्तित कीजिए।
हल: 1 L = 1000 cm3 = 10−3 m3
2 L = 2 × 10−3 m3
Ans: 2 × 10−3 m3
❓ प्रश्न-6: 2 दिनों में कितने सेकंड (s) होते हैं?
हल: 2 day = 2 × 24 hr × 60 min × 60 s
= 2 × 24 × 60 × 60 = 172800 s
Ans: 172800 s
✅ तत्वों से यौगिकों का बनना (Laws of Chemical Combination)
तत्वों से यौगिकों का बनना निम्नलिखित नियमों के अनुसार होता है —
- (i) द्रव्यमान संरक्षण का नियम
- (ii) स्थिर अनुपात का नियम
- (iii) गुणित अनुपात का नियम
- (iv) गै-लुसैक का गैसीय आयतनों का नियम
- (v) आवोगाद्रो का नियम
✅ (i) द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass)
यह नियम लावोजिए ने दिया था। पदार्थों का कुल द्रव्यमान क्रिया करने से पहले (अभिकारक) और क्रिया के बाद (उत्पाद) बराबर होता है।
कथन: “इस नियम के अनुसार द्रव्य न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। लेकिन एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है।”
उदाहरण: भौतिक प्रक्रिया
बर्फ (ठोस) —Heat→ जल (द्रव)
100 g → 100 g
उदाहरण: रासायनिक प्रक्रिया
बंद पात्र में CaCO3 (100 g) को गर्म करने पर CaO (56 g) और CO2 (44 g) गैस बनती है।
CaCO3(s) → CaO(s) + CO2(g)
अभिक्रिया से पहले CaCO3 का द्रव्यमान = 100 g
अभिक्रिया के बाद (CaO + CO2) का द्रव्यमान = 56 g + 44 g = 100 g
✅ (ii) स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions)
यह नियम जोसेफ प्राउस्ट ने दिया था। उनके अनुसार, किसी यौगिक में तत्वों के द्रव्यमानों का अनुपात सदैव समान होता है, चाहे यौगिक किसी भी विधि या स्रोत से प्राप्त किया गया हो।
उदाहरण: जल का बनना H2 + O2 —Pt→ 2H2O (प्रयोगशाला में)
H2O को हम किसी भी स्रोत से (प्रयोगशाला, कुआँ, नदी या समुद्र) प्राप्त करें, H और O से बना होगा तथा इनमें द्रव्यमानों का अनुपात हमेशा 1 : 8 होगा।
✅ (iii) गुणित अनुपात का नियम (Law of Multiple Proportions)
यह नियम डाल्टन द्वारा सन् 1803 में दिया गया। इस नियम के अनुसार, यदि दो तत्व संयोजित होकर एक से अधिक यौगिक बनाते हैं, तो एक तत्व के निश्चित द्रव्यमान के साथ दूसरे तत्व के संयुक्त द्रव्यमान सरल अनुपात में होते हैं।
उदाहरण: हाइड्रोजन ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर दो यौगिक (जल और हाइड्रोजन परऑक्साइड) बनाती है।
ऑक्सीजन के द्रव्यमान (16 g और 32 g) जो हाइड्रोजन के निश्चित द्रव्यमान (2 g) के साथ संयुक्त होते हैं, सरल अनुपात 16 : 32 या 1 : 2 में होते हैं।
✅ (iv) गै-लुसैक का गैसीय आयतनों का नियम (Gay-Lussac’s Law of Combining Volumes)
यह नियम गै-लुसैक द्वारा सन् 1808 में दिया गया। उन्होंने पाया कि जब रासायनिक अभिक्रियाओं में गैसें संयुक्त होती हैं या बनती हैं, तो उनके आयतन सरल अनुपात में होते हैं, बशर्ते सभी गैसें समान ताप और दाब पर हों।
उदाहरण: हाइड्रोजन के 100 mL, ऑक्सीजन के 50 mL के साथ संयुक्त होकर 100 mL जल-वाष्प देते हैं। इसलिए हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के आयतन का सरल अनुपात 2 : 1 होता है।
✅ (v) आवोगाद्रो का नियम (Avogadro’s Law)
सन् 1811 में आवोगाद्रो ने प्रस्तावित किया कि समान ताप और दाब पर गैसों के समान आयतनों में अणुओं की संख्या समान होती है।
उदाहरण: यदि हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की जल बनाने की अभिक्रिया करें तो हाइड्रोजन के दो आयतन और ऑक्सीजन का एक आयतन मिलकर जल के दो आयतन देते हैं।
✅ परमाण्विक द्रव्यमान (Atomic Mass)
परमाण्विक द्रव्यमान (Atomic Mass) : यह तत्व के परमाणु का द्रव्यमान है जो कि कार्बन–12 समस्थानिक के एक परमाणु के 1/12 भाग के बराबर होता है। इस द्रव्यमान को 1 amu से व्यक्त करते हैं।
1 amu = 1.66 × 10−24 g
परमाण्विक द्रव्यमान = एक परमाणु का द्रव्यमान / (1/12 × C12 के परमाणु का द्रव्यमान)
✅ उदाहरण (Example)
जैसे — हाइड्रोजन के एक परमाणु का द्रव्यमान 1.6736 × 10−24 g होता है। अतः amu (या u) के पदों में हाइड्रोजन परमाणु का द्रव्यमान —
= 1.6736 × 10−24 g / 1.66 × 10−24 g = 1.0080 u
इसी प्रकार, 16O परमाणु का द्रव्यमान 15.995 amu या u होगा।
✅ औसत परमाणु द्रव्यमान (Average Atomic Mass)
प्रकृति में अनेक तत्व एक से अधिक समस्थानिक के रूप में पाए जाते हैं। इन समस्थानिकों की उपस्थिति और उनकी प्रतिशत-उपलब्धता के आधार पर औसत परमाणु द्रव्यमान परिकलित किया जाता है।
उदाहरण: कार्बन के तीन समस्थानिक होते हैं।
| समस्थानिक | प्रतिशत–उपलब्धता | परमाणु द्रव्यमान (u) |
|---|---|---|
| 12C | 98.892 | 12 |
| 13C | 1.108 | 13.00335 |
| 14C | 2 × 10−10 | 14.00317 |
✅ सूत्र (Formula)
औसत परमाणु द्रव्यमान = ∑ ( % उपलब्धता × परमाणु द्रव्यमान ) / 100
✅ गणना (Calculation)
= (98.892 × 12) + (1.108 × 13.00335) + (2 × 10−10 × 14.00317)
= 1186.70 + 14.40 + (2 × 10−9) ≈ 1203.9
अतः औसत परमाणु द्रव्यमान = 1203.9 / 100 = 12.01
✅ आण्विक द्रव्यमान (Molecular Mass)
आण्विक द्रव्यमान: किसी अणु का आण्विक द्रव्यमान, उसमें उपस्थित विभिन्न परमाणुओं के द्रव्यमानों का योग होता है।
✅ उदाहरण (Examples)
मीथेन (CH4) का आण्विक द्रव्यमान = (1 × 12.011 u) + (4 × 1.008 u) = 16.043 u
जल (H2O) का आण्विक द्रव्यमान = (2 × 1.008 u) + 16 u = 18.02 u
✅ मोल–संकल्पना और मोलर द्रव्यमान
- जिस प्रकार हम 12 वस्तुओं के लिए एक दर्जन का प्रयोग करते हैं, उसी प्रकार अतिसूक्ष्म कणों (परमाणु, अणु, आयन, इलेक्ट्रॉन आदि) को गिनने के लिए मोल का उपयोग किया जाता है।
- किसी पदार्थ का एक मोल उसकी वह मात्रा है, जिसमें उतने ही कण उपस्थित होते हैं, जितने कार्बन–12 समस्थानिक के 12 g में परमाणुओं की संख्या होती है।
- किसी पदार्थ के एक मोल में कणों की संख्या सदैव 6.023 × 1023 होती है (चाहे वह कोई भी पदार्थ हो)। इसे आवोगाद्रो संख्या (NA) कहते हैं।
- अतः S.T.P. पर गैस का एक मोल आयतन 22.4 L होता है।
उदाहरण:
1 मोल हाइड्रोजन परमाणु = 6.023 × 1023 हाइड्रोजन परमाणु
1 मोल जल-अणु = 6.023 × 1023 जल
✅ मोलर द्रव्यमान (M)
- किसी पदार्थ के एक मोल के ग्राम में व्यक्त द्रव्यमान को उसका मोलर द्रव्यमान कहते हैं।
- किसी पदार्थ का परमाण्विक/आण्विक द्रव्यमान यदि u में दिया हो, तो वही मान ग्राम में लिखने पर मोलर द्रव्यमान g mol−1 होता है।
उदाहरण: जल (H2O) का आण्विक द्रव्यमान = 18.02 u ⇒ मोलर द्रव्यमान = 18.02 g mol−1
सोडियम क्लोराइड (NaCl) का मोलर द्रव्यमान = 58.5 g mol−1
मोल (n) = दिया गया द्रव्यमान (g) / मोलर द्रव्यमान M (g/mol)
❓ प्रश्न–8: निम्नलिखित के लिए मोलर द्रव्यमान का परिकलन कीजिए
| पदार्थ | मोलर द्रव्यमान (g mol−1) |
|---|---|
| H2O | 18.02 |
| CO2 | 44.01 |
| CH4 | 16.04 |
❓ प्रश्न–9: 0.1 मोल CO2 में कितने ग्राम CO2 उपस्थित है?
Ans: द्रव्यमान = n × M = 0.1 × 44 = 4.4 g
❓ प्रश्न–10: निम्नलिखित में परमाणुओं की संख्या सबसे अधिक होगी?
| विकल्प | दिए गए पदार्थ | परमाणुओं की संख्या (लगभग) |
|---|---|---|
| (i) | 1 g Au(s) | ≈ 3.06 × 1021 |
| (ii) | 1 g Na(s) | ≈ 2.62 × 1022 |
| (iii) | 1 g Li(s) | ≈ 8.60 × 1022 |
| (iv) | 1 g Cl2(g) | ≈ 1.70 × 1022 |
Ans: सबसे अधिक परमाणु (iii) 1 g Li(s) में होंगे।
❓ प्रश्न–11: 12C कार्बन परमाणु का ग्राम (g) में द्रव्यमान क्या होगा?
Ans: 1.993 × 10−23 g
❓ प्रश्न–12: निम्नलिखित में से प्रत्येक में परमाणुओं की संख्या ज्ञात कीजिए
| दिया गया | परमाणुओं की संख्या |
|---|---|
| (i) 52 mol Ar | 3.13 × 1025 |
| (ii) 52 u He | 13 परमाणु |
| (iii) 52 g He | 7.83 × 1024 |
✅ प्रतिशत–संघटन (Percentage Composition)
तत्व का द्रव्यमान प्रतिशत = n × (तत्व का परमाणु द्रव्यमान) / यौगिक का मोलर द्रव्यमान × 100
✅ उदाहरण (Example)
उदाहरण: एथेनॉल में कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान प्रतिशत कितना है?
एथेनॉल का आण्विक सूत्र = C2H6OH
एथेनॉल का मोलर द्रव्यमान = (2 × 12 + 6 × 1 + 16) g = 46 g
- कार्बन का द्रव्यमान प्रतिशत = 24 / 46 × 100 = 52%
- हाइड्रोजन का द्रव्यमान प्रतिशत = 6 / 46 × 100 = 13.13%
- ऑक्सीजन का द्रव्यमान प्रतिशत = 16 / 46 × 100 = 34.79%
✅ मूलानुपाती सूत्र और अणु सूत्र (Empirical Formula & Molecular Formula)
- मूलानुपाती सूत्र किसी यौगिक में उपस्थित विभिन्न परमाणुओं के सरलतम पूर्ण संख्या-अनुपात को व्यक्त करता है।
- जबकि अणु सूत्र किसी यौगिक के अणु में उपस्थित विभिन्न प्रकार के परमाणुओं की सही संख्या को दर्शाता है।
✅ उदाहरण (Example)
ग्लूकोज का मूलानुपाती सूत्र (CH2O) है तथा अणु सूत्र (C6H12O6) है।
✅ मूलानुपाती सूत्र और अणु सूत्र में सम्बन्ध
अणु सूत्र = n × मूलानुपाती सूत्र (जहाँ n = पूर्णांक 1, 2, 3, …)
n = यौगिक का अणु सूत्र द्रव्यमान / यौगिक का मूलानुपाती सूत्र द्रव्यमान
✅ प्रश्न–13: अणु सूत्र (Molecular Formula) ज्ञात कीजिए
❓ प्रश्न
एक कार्बनिक यौगिक में C, H, O उपस्थित हैं। यदि यौगिक में C = 40% तथा H = 6.67% हो, और यौगिक का मोलर द्रव्यमान = 180 g mol−1 है, तो यौगिक का अणु सूत्र ज्ञात कीजिए।
✅ हल (Step-by-Step)
100 g यौगिक मान लेते हैं, तब: O% = 100 − (40 + 6.67) = 53.33%
| तत्व | द्रव्यमान (g) | परमाणु द्रव्यमान (g/mol) | मोल (द्रव्यमान/परमाणु द्रव्यमान) |
|---|---|---|---|
| C | 40 | 12 | 40/12 = 3.333 |
| H | 6.67 | 1 | 6.67/1 = 6.67 |
| O | 53.33 | 16 | 53.33/16 = 3.333 |
अब सबसे छोटे मान 3.333 से भाग दें: C : H : O = 3.333/3.333 : 6.67/3.333 : 3.333/3.333 = 1 : 2 : 1
मूलानुपाती सूत्र (EF): CH2O
EF का द्रव्यमान = 12 + 2 + 16 = 30
n = (मोलर द्रव्यमान) / (EF द्रव्यमान) = 180 / 30 = 6
अणु सूत्र (MF): n × EF = 6 × (CH2O) = C6H12O6
✅ अंतिम उत्तर
यौगिक का अणु सूत्र: C6H12O6
✅ स्टॉइकियोमेट्री गुणांक (Stoichiometric Coefficients)
किसी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारक और उत्पाद के बीच मात्रात्मक सम्बन्ध को स्टॉइकियोमेट्री गुणांक बताते हैं। ये गुणांक अभिक्रिया में भाग लेने वाले या बनने वाले अणुओं की संख्या (या मोलों की संख्या) को व्यक्त करते हैं।
✅ उदाहरण (Example Reaction)
CH4(g) + 2O2 → CO2(g) + 2H2O(g)
- 1 मोल CH4 2 मोल O2 के साथ अभिक्रिया करके 1 मोल CO2 तथा 2 मोल H2O देता है।
- 1 अणु CH4 2 अणु O2 के साथ अभिक्रिया करके 1 अणु CO2 तथा 2 अणु H2O देता है।
- 16 g CH4, 64 g O2 के साथ अभिक्रिया करके 44 g CO2 तथा 36 g H2O देता है।
- 22.4 L CH4, 44.8 L O2 के साथ अभिक्रिया करके 22.4 L CO2 तथा 44.8 L H2O (वाष्प) देता है।
❓ प्रश्न–1: 16 g मीथेन के दहन से प्राप्त जल की मात्रा (ग्राम में) ज्ञात कीजिए
दिया: 16 g CH4 = 1 mol
समीकरण से: 1 mol CH4 → 2 mol H2O
H2O का मोलर द्रव्यमान = 18 g mol−1 ⇒ 2 mol = 2 × 18 = 36 g
उत्तर: 36 g
❓ प्रश्न–2: मीथेन के कितने मोलों के दहन से 22 g CO2 प्राप्त होगी?
समीकरण से: 1 mol CH4 → 1 mol CO2
CO2 का मोलर द्रव्यमान = 44 g mol−1 ⇒ 22 g CO2 = 22/44 = 0.5 mol
अतः आवश्यक CH4 = 0.5 mol
उत्तर: 0.5 मोल
✅ सीमाकारक अभिकर्मक (Limiting Reagent)
जो अभिकर्मक कम मात्रा में उपस्थित होता है, वह कुछ समय बाद समाप्त हो जाता है। उसके बाद अभिक्रिया आगे नहीं होती, भले ही दूसरे अभिकर्मक की कितनी भी मात्रा मौजूद हो।
अतः जो अभिकर्मक पहले समाप्त होता है, वही उत्पाद की मात्रा को सीमित कर देता है। इसलिए उसे सीमाकारक अभिकर्मक कहते हैं।
✅ उदाहरण (Example)
A + B2 → AB2
अनुपात: 1 मोल A : 1 मोल B2 : 1 मोल AB2
(या 1 परमाणु A : 1 अणु B2 : 1 अणु AB2)
अतः A का 1 परमाणु, B2 के 1 अणु से अभिक्रिया करता है और AB2 का 1 अणु बनाता है।
✅ दिए गए मिश्रणों में सीमाकारक अभिकर्मक ज्ञात कीजिए
| स्थिति | दिए गए | क्या होगा? | सीमाकारक अभिकर्मक |
|---|---|---|---|
| (i) | A के 300 परमाणु + B2 के 200 अणु |
B2 के 200 अणु, A के 200 परमाणुओं से अभिक्रिया करेंगे। A के 100 परमाणु बचेंगे। |
B2 |
| (ii) | 2 मोल A + 3 मोल B2 |
2 मोल A, 2 मोल B2 से अभिक्रिया कर लेंगे। B2 का 1 मोल बच जाएगा। |
A |
| (iii) | A के 100 परमाणु + B2 के 100 अणु | दोनों बराबर अनुपात में हैं, दोनों पूरा उपयोग हो जाएंगे। | कोई नहीं |
✅ विलयनों में अभिक्रियाएँ (Concentration Terms)
किसी विलयन की सांद्रता (Concentration) या उसके दिए गए आयतन में उपस्थित पदार्थ की मात्रा को निम्न रूपों में व्यक्त किया जाता है —
- द्रव्यमान प्रतिशत या भार-प्रतिशत (% w/w)
- मोल-अंश (X)
- मोलरता (M)
- मोललता (m)
- नॉर्मलता (N)
✅ 1. द्रव्यमान प्रतिशत (% w/w)
जब विलयन के 100 g भागों में विलेय पदार्थ की मात्रा प्रदर्शित की जाती है, तो इस सांद्रता को द्रव्यमान प्रतिशत कहते हैं।
% w/w = विलेय का द्रव्यमान (g) / विलयन का द्रव्यमान (g) × 100
यदि विलेय = A और विलायक = B हो, तो विलयन का द्रव्यमान = WA + WB
❓ प्रश्न–19
20 g शक्कर को 80 g जल में घोला गया है। विलयन की द्रव्यमान प्रतिशत ज्ञात कीजिए।
विलयन का द्रव्यमान = 20 + 80 = 100 g
% w/w = (20 / 100) × 100 = 20%
Ans: 20% (w/w)
✅ 2. मोल-अंश (Mole Fraction, X)
किसी पदार्थ के मोलों की संख्या और विलयन में उपस्थित कुल मोलों की संख्या के अनुपात को मोल-अंश कहते हैं।
XA = nA / (nA + nB)
XB = nB / (nA + nB)
XA + XB = 1
❓ प्रश्न–20
एक मिश्रण में A के 0.5 मोल तथा B के 0.2 मोल उपस्थित हैं। A और B के मोल-अंश ज्ञात कीजिए।
कुल मोल = 0.5 + 0.2 = 0.7
XA = 0.5/0.7 = 0.714
XB = 0.2/0.7 = 0.286
Ans: XA = 0.714, XB = 0.286
✅ 3. मोलरता (Molarity, M)
किसी विलयन के 1 L में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या को मोलरता कहते हैं। इसे M से व्यक्त करते हैं।
M = n / V (L)
इकाई: mol L−1 (या M)
Note: यदि विलयन की मोलरता M1 और आयतन V1 हो, तथा दूसरे विलयन की मोलरता M2 और आयतन V2 हो, तो (dilution) में: M1V1 = M2V2
✅ प्रश्न: 2.8 g KOH 200 mL विलयन में उपस्थित है। विलयन की मोलरता ज्ञात कीजिए।
✅ दिया गया (Given)
- KOH का द्रव्यमान = 2.8 g
- विलयन का आयतन = 200 mL = 0.200 L
- KOH का मोलर द्रव्यमान = 39 + 16 + 1 = 56 g mol−1
✅ हल (Solution)
मोल (n) = द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 2.8 / 56 = 0.05 mol
मोलरता (M) = n / V(L) = 0.05 / 0.200 = 0.25 M
✅ अंतिम उत्तर
विलयन की मोलरता = 0.25 M
✅ 4. मोललता (Molality, m)
1 kg (या 1000 g) विलायक में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या को मोललता कहते हैं। इसे m से व्यक्त करते हैं।
m = n / WB (kg)
जहाँ m = मोललता, n = विलेय के मोलों की संख्या, WB = विलायक का द्रव्यमान (kg)
इकाई: mol kg−1
✅ प्रश्न: 103.65 g HCl विलयन में 3.65 g HCl विलेय है। विलयन की मोललता (m) ज्ञात कीजिए।
✅ दिया गया (Given)
- विलयन का द्रव्यमान = 103.65 g
- विलेय (HCl) का द्रव्यमान = 3.65 g
- विलायक (जल) का द्रव्यमान = 103.65 − 3.65 = 100.00 g = 0.100 kg
- HCl का मोलर द्रव्यमान = 1 + 35.5 = 36.5 g mol−1
✅ हल (Solution)
HCl के मोल (n) = 3.65 / 36.5 = 0.10 mol
मोललता (m) = n / (विलायक का द्रव्यमान kg में) = 0.10 / 0.100 = 1.0 m
✅ अंतिम उत्तर
विलयन की मोललता = 1.0 m
✅ पार्ट्स पर मिलियन (ppm) और पार्ट्स पर बिलियन (ppb)
विलेय के वे अंश जो विलयन के एक मिलियन (106) या एक बिलियन (109) अंशों में घुले रहते हैं, उन्हें क्रमशः ppm और ppb कहते हैं। यदि विलयन में सांद्रता बहुत कम हो, तो उसे ppm या ppb में व्यक्त किया जाता है।
जल या वायुमंडल में प्रदूषकों की सांद्रता प्रायः ppm में दर्शाई जाती है।
ppm = wA / (wA + wB) × 106
ppb = wA / (wA + wB) × 109
✅ प्रश्न: समुद्री जल के प्रति kg में 5.8 × 10−3 g O2 घुली है। O2 की सांद्रता ppm में ज्ञात कीजिए।
✅ दिया गया (Given)
- O2 का द्रव्यमान = 5.8 × 10−3 g
- समुद्री जल = 1 kg = 1000 g
✅ सूत्र (ppm)
ppm = wA / (wA + wB) × 106
✅ हल (Solution)
यहाँ विलेय O2 है और विलायक समुद्री जल है। विलयन का कुल द्रव्यमान ≈ 1000 g (क्योंकि घुली मात्रा बहुत कम है)।
ppm ≈ (5.8 × 10−3 / 1000) × 106
= 5.8 × 10−6 × 106 = 5.8 ppm
✅ अंतिम उत्तर
O2 की सांद्रता = 5.8 ppm
