Class 11 Chemistry Chapter 6 NCERT SolutionsThermodynamics (ऊष्मागतिकी)

📘 यहां आपको Class 11 Chemistry Chapter 6 Thermodynamics NCERT Solutions (English + Hindi Medium) में NCERT के सभी प्रश्न-उत्तर और Step-by-Step Explanation मिलेंगे। इस chapter में System–Surroundings, Work (w), Heat (q), Enthalpy (ΔH), Entropy (ΔS), Gibbs Free Energy (ΔG), First Law और Second Law of Thermodynamics जैसे topics को आसान भाषा में समझाया गया है ताकि आपकी Board परीक्षा के साथ JEE/NEET तैयारी भी मजबूत हो। ✅

🔎 Question Search कैसे करें?

👉 किसी भी question को जल्दी ढूंढने के लिए निचे दिए गए Search Box में Q. नंबर (जैसे Q.5, Q.18) या question का कोई keyword (जैसे enthalpy, entropy, gibbs free energy, first law) टाइप करें। ✅

  • Example: Search में लिखें: Q.12 या ΔG या entropy
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Class 11 Chemistry Chapter 2 NCERT Solutions – Structure of Atom (परमाणु की संरचना)
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Q.1: सही उत्तर चुनिए — ऊष्मागतिकी अवस्था फलन (Thermodynamic State Function) एक राशि है,
(i) जो ऊष्मा-परिवर्तनों के लिए प्रयुक्त होती है।
(ii) जिसका मान पथ (path) पर निर्भर नहीं करता है।
(iii) जो दाब–आयतन कार्य की गणना करने में प्रयुक्त होती है।
(iv) जिसका मान केवल ताप पर निर्भर करता है।
उत्तर
✅ (ii) जिसका मान पथ (path) पर निर्भर नहीं करता है।
व्याख्या – Step by Step
1. अवस्था फलन वह राशि होती है जो केवल state (अवस्था) पर निर्भर करती है, न कि उस अवस्था तक पहुँचने के रास्ते (path) पर।

2. इसलिए अगर आप किसी सिस्टम को A से B तक ले जाएँ, तो चाहे आप किसी भी path से जाएँ:
✅ state function का change (Δ) वही रहेगा

3. उदाहरण: U (internal energy), H (enthalpy), S (entropy), P, V, T — ये state functions हैं।

4. जबकि q (heat) और w (work) path dependent होते हैं, इसलिए ये state functions नहीं हैं।
क्या आप जानते हैं?
👉 एक लाइन में याद रखो:
State function = “state पर depend”
q और w = “path पर depend”

इसलिए thermodynamics में हमेशा ΔU, ΔH जैसे changes पर ज़ोर दिया जाता है।
Q.2: एक प्रक्रिया के रुद्धोष्म (adiabatic) परिस्थितियों में होने के लिए—
(i) ΔT = 0
(ii) Δp = 0
(iii) q = 0
(iv) w = 0
उत्तर
✅ (iii) q = 0
व्याख्या – Step by Step
1. रुद्धोष्म (adiabatic) प्रक्रिया का सीधा मतलब है:
👉 सिस्टम और परिवेश (surroundings) के बीच ऊष्मा का आदान–प्रदान नहीं होता।

2. इसलिए adiabatic condition में:
q = 0

3. बाकी विकल्प क्यों नहीं?
👉 ΔT = 0 ⇒ यह isothermal condition है, रुद्धोष्म जरूरी नहीं।
👉 Δp = 0 ⇒ pressure constant हो तो isobaric प्रक्रिया कहलाती है।
👉 w = 0 ⇒ work zero होना adiabatic की शर्त नहीं है; रुद्धोष्म (adiabatic) में work हो सकता है।
क्या आप जानते हैं?
👉 adiabatic प्रक्रिया में q = 0 होता है, फिर भी तापमान बदल सकता है, क्योंकि ऊर्जा का बदलाव work (w) के कारण हो जाता है (जैसे गैस का तेजी से expand/contract होना)।
Q.3: सभी तत्वों की एन्थैल्पी उनकी सन्दर्भ-अवस्था (standard/reference state) में होती है—
(i) इकाई
(ii) शून्य
(iii) < 0
(iv) सभी तत्वों के लिए भिन्न होती है
उत्तर
✅ (ii) शून्य
व्याख्या – Step by Step
1. ऊष्मागतिकी में निरपेक्ष एन्थैल्पी (H) को सीधे मापा नहीं जाता, हम हमेशा एन्थैल्पी परिवर्तन (ΔH) की बात करते हैं।

2. इसलिए एक standard नियम बनाया गया:
👉 किसी भी तत्व की सन्दर्भ/मानक अवस्था (standard state) में उसकी एन्थैल्पी को शून्य मानते हैं।

3. इसी आधार पर हम ΔH (जैसे formation enthalpy, reaction enthalpy) आसानी से परिभाषित और तुलना कर पाते हैं।
क्या आप जानते हैं?
👉 यह rule खासकर standard enthalpy of formation (ΔH°f) में बहुत काम आता है:

✅ किसी तत्व की standard state में ΔH°f = 0 माना जाता है (जैसे H2(g), O2(g), C(graphite) आदि)।
Q.4: मीथेन के दहन के लिए ΔU° का मान −X kJ mol−1 है। इसके लिए ΔH° का मान होगा—
(i) = ΔU°
(ii) > ΔU°
(iii) < ΔU°
(iv) = 0
उत्तर
✅ (iii) ΔH° < ΔU°
व्याख्या – Step by Step
Step 1: दहन का संतुलित समीकरण लिखें
CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(l)

Step 2: गैसीय मोल का परिवर्तन निकालें (Δng)
Δng = (उत्पाद के गैसीय मोल) − (क्रियाकारक के गैसीय मोल)
= 1 − (1 + 2)
= 1 − 3
= −2

Step 3: संबंध लगाएँ
ΔH° = ΔU° + ΔngRT
ΔH° = ΔU° + (−2)RT
✅ यानी ΔH° = ΔU° − 2RT

अब समझो:
ΔU° = −X (negative) है, और −2RT भी ऋणात्मक है, इसलिए ΔH° और ज्यादा ऋणात्मक हो जाएगा।
✅ इसलिए ΔH° < ΔU°
क्या आप जानते हैं?
👉 जब Δng negative होता है (गैस के मोल घटते हैं), तब अक्सर ΔH° ज्यादा ऋणात्मक हो जाता है (ΔU° से भी)।

और जब Δng positive हो, तो ΔH° अपेक्षाकृत कम ऋणात्मक हो सकता है।
Q.5: मीथेन, ग्रेफाइट तथा डाइहाइड्रोजन के लिए 298 K पर दहन एन्थैल्पी के मान क्रमशः −890.3, −393.5 तथा −285.8 kJ mol−1 हैं। CH4(g) की निर्माण एन्थैल्पी (ΔH°f) क्या होगी?
(i) −74.8 kJ mol−1
(ii) −52.27 kJ mol−1
(iii) +74.8 kJ mol−1
(iv) +52.26 kJ mol−1
उत्तर
✅ (i) −74.8 kJ mol−1
व्याख्या – Step by Step
Step 1: दिए गए दहन समीकरण लिखें

(i) CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(l)
ΔH = −890.3 kJ mol−1

(ii) C(s, graphite) + O2(g) → CO2(g)
ΔH = −393.5 kJ mol−1

(iii) H2(g) + 1/2 O2(g) → H2O(l)
ΔH = −285.8 kJ mol−1

Step 2: formation लिखें
C(s) + 2H2(g) → CH4(g) ; ΔH°f = ?

Step 3: Hess’s law लगाएँ
( ii ) + 2×( iii ) जोड़ें:
C + 2H2 + 2O2 → CO2 + 2H2O

अब ( i ) को घटाएँ (यानी i को उल्टा करके जोड़ना):
CO2 + 2H2O → CH4 + 2O2

कटने के बाद बचेगा:
C + 2H2 → CH4

Step 4: ΔH निकालें
ΔH°f(CH4) = [ΔH(ii) + 2ΔH(iii)] − ΔH(i)
= [−393.5 + 2(−285.8)] − (−890.3)
= [−393.5 − 571.6] + 890.3
= −965.1 + 890.3
= −74.8 kJ mol−1

✅ इसलिए सही विकल्प (i)
क्या आप जानते हैं?
👉 Hess’s law में trick यह है:

• जिस reaction को उल्टा करोगे, उसका ΔH का sign बदल जाएगा।
• और जिस reaction को multiply करोगे, उसका ΔH भी उसी factor से multiply हो जाएगा।
Q.6: एक अभिक्रिया A + B → C + D + q के लिए एंट्रॉपी परिवर्तन (ΔS) धनात्मक पाया गया। यह अभिक्रिया संभव होगी—
(i) उच्च ताप पर
(ii) केवल निम्न ताप पर
(iii) किसी भी ताप पर नहीं
(iv) किसी भी ताप पर
उत्तर
✅ (iv) किसी भी ताप पर
व्याख्या – Step by Step
Step 1: “+ q” का मतलब समझें
A + B → C + D + q
👉 ऊष्मा बाहर निकल रही है, यानी अभिक्रिया उष्माक्षेपी (exothermic) है।
✅ इसलिए ΔH = −ve

Step 2: दिया है ΔS धनात्मक
ΔS = +ve

Step 3: Gibbs free energy का नियम लगाएँ
ΔG = ΔH − TΔS
अभिक्रिया स्वतः (spontaneous) होने के लिए:
ΔG < 0 होना चाहिए

Step 4: sign देखकर निष्कर्ष
👉 ΔH = −ve
👉 −TΔS = −(T × +ve) = −ve

तो ΔG = (−ve) + (−ve) = हमेशा −ve

✅ यानी यह अभिक्रिया किसी भी ताप पर संभव/स्वतः हो सकती है।
क्या आप जानते हैं?
👉 जब ΔH < 0 और ΔS > 0 हो, तो reaction “best case” में होती है:

✅ हर temperature पर spontaneous (always favourable)
Q.7: एक प्रक्रिया में निकाय द्वारा 701 J ऊष्मा अवशोषित होती है तथा 394 J कार्य किया जाता है। इस प्रक्रिया में आन्तरिक ऊर्जा में कितना परिवर्तन होगा?
उत्तर
ΔU = +307 J
(अर्थात् आन्तरिक ऊर्जा 307 J बढ़ती है)
व्याख्या – Step by Step
Step 1: संकेत (sign convention) तय करें
• निकाय ऊष्मा अवशोषित करता है ⇒ q = +701 J
• निकाय कार्य करता है (system does work) ⇒ w = −394 J

Step 2: ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम लगाएँ
ΔU = q + w
ΔU = (+701) + (−394)
ΔU = +307 J

✅ इसलिए निकाय की आन्तरिक ऊर्जा 307 J बढ़ेगी
क्या आप जानते हैं?
👉 Thermodynamics में याद रखने वाली बात:

q = +ve जब heat system में जाए
w = −ve जब निकाय कार्य करे|

इसी rule से 90% numericals आसानी से हो जाते हैं।
Q.8: एक बम कैलोरीमीटर में NH2CN(s) की अभिक्रिया डाइऑक्सीजन के साथ की गई, तथा ΔU का मान −742.7 kJ mol−1 पाया गया (298 K पर)। इस अभिक्रिया के लिए 298 K पर एन्थैल्पी परिवर्तन (ΔH) ज्ञात कीजिए—

NH2CN(s) + 3/2 O2(g) → N2(g) + CO2(g) + H2O(l)
उत्तर
ΔH = −741.5 kJ mol−1 (लगभग)
व्याख्या – Step by Step
Step 1: सूत्र
ΔH = ΔU + ΔngRT

Step 2: Δng (केवल गैसों के मोल)
उत्पाद (गैस): N2 = 1, CO2 = 1 ⇒ कुल = 2
अभिकारक (गैस): O2 = 3/2 ⇒ कुल = 1.5
(NH2CN ठोस है, नहीं गिनेंगे; H2O द्रव है)

Δng = 2 − 1.5 = 0.5 = 1/2

Step 3: RT (kJ में)
R = 8.314 × 10−3 kJ mol−1 K−1, T = 298 K
RT = 8.314 × 10−3 × 298 ≈ 2.476 kJ mol−1
ΔnRT = (1/2) × 2.476 ≈ 1.238 kJ mol−1

Step 4: ΔH निकालें
ΔH = −742.7 + 1.238
ΔH ≈ −741.46 ≈ −741.5 kJ mol−1
क्या आप जानते हैं?
👉 बम कैलोरीमीटर में मापा गया मान अक्सर ΔU होता है।

और ΔH = ΔU + ΔngRT correction सिर्फ गैस के मोल बदलने पर लगता है।
Q.9: 60.0 g एल्युमिनियम का ताप 35°C से 55°C करने के लिए कितने किलो जूल ऊष्मा की आवश्यकता होगी? Al की मोलर ऊष्माधारिता 24 J mol−1 K−1 है।
उत्तर
✅ आवश्यक ऊष्मा (q) = 1.07 kJ (लगभग)
व्याख्या – Step by Step
Step 1: सूत्र लिखें
n मोल के लिए:
q = n × Cm × ΔT

Step 2: मोल (n) निकालें
Al का molar mass = 27 g mol−1
n = 60.0 / 27 = 2.22 mol (लगभग)

Step 3: ΔT निकालें
ΔT = 55 − 35 = 20 K

Step 4: Cm को kJ में बदलें
Cm = 24 J mol−1 K−1 = 24 × 10−3 kJ mol−1 K−1

Step 5: मान रखकर q निकालें
q = 2.22 mol × (24 × 10−3) kJ mol−1 K−1 × 20 K
q = 2.22 × 0.024 × 20 kJ
q = 2.22 × 0.48 kJ
q ≈ 1.07 kJ

✅ इसलिए आवश्यक ऊष्मा ≈ 1.07 kJ
क्या आप जानते हैं?
👉 तापमान का अंतर °C में हो या K में, ΔT दोनों में समान रहता है।

यानी 55°C − 35°C = 20°C और यही 20 K भी होता है।
Q.10: 10.0°C पर 1 मोल जल को बर्फ (−10°C) पर लाने पर एन्थैल्पी-परिवर्तन (ΔH) की गणना कीजिए।

दिया है:
ΔHfus = 6.03 kJ mol−1 (0°C पर)
Cp[H2O(l)] = 75.3 J mol−1 K−1
Cp[H2O(s)] = 36.8 J mol−1 K−1
उत्तर
✅ कुल ΔH = −7.151 kJ mol−1 (लगभग)
व्याख्या – Step by Step
हमें 10°C के पानी को −10°C की बर्फ बनाना है, इसलिए 3 स्टेप होंगे:

Step 1: 10°C का जल → 0°C का जल (cooling)
ΔH₁ = n Cp(l) ΔT
= 1 × 75.3 × (0 − 10) J mol−1
= 75.3 × (−10)
= −753 J mol−1 = −0.753 kJ mol−1

Step 2: 0°C पर जल → 0°C पर बर्फ (freezing)
यह fusion का उल्टा है, इसलिए sign बदल जाएगा:
ΔH₂ = −ΔHfus
= −6.03 kJ mol−1

Step 3: 0°C की बर्फ → −10°C की बर्फ (cooling)
ΔH₃ = n Cp(s) ΔT
= 1 × 36.8 × (−10) J mol−1
= −368 J mol−1 = −0.368 kJ mol−1

Total enthalpy change
ΔH = ΔH₁ + ΔH₂ + ΔH₃
= (−0.753) + (−6.03) + (−0.368)
ΔH = −7.151 kJ mol−1
क्या आप जानते हैं?
👉 जब पानी जमता है, तब ऊष्मा बाहर निकलती है (exothermic), इसलिए freezing के लिए ΔH negative होता है, जबकि melting (fusion) के लिए ΔH positive होता है।
Q.11: CO2 की दहन/निर्माण एन्थैल्पी −393.5 kJ mol−1 है। कार्बन एवं ऑक्सीजन से 35.2 g CO2 बनने पर उत्सर्जित ऊष्मा की गणना कीजिए।
उत्तर
✅ उत्सर्जित ऊष्मा = 314.8 kJ (लगभग)
व्याख्या – Step by Step
Step 1: अभिक्रिया और दिया मान समझें
C(s) + O2(g) → CO2(g)
ΔH = −393.5 kJ mol−1

मतलब: 1 mol CO2 बनने पर 393.5 kJ ऊष्मा निकलती है।

Step 2: 35.2 g CO2 को mol में बदलें
CO2 का मोलर द्रव्यमान = 44 g mol−1
मोल = द्रव्यमान ÷ मोलर द्रव्यमान
= 35.2 / 44 = 0.8 mol

Step 3: ऊष्मा निकालें
1 mol पर ऊष्मा = 393.5 kJ
0.8 mol पर ऊष्मा = 393.5 × 0.8
= 314.8 kJ

✅ इसलिए 35.2 g CO2 बनने पर 314.8 kJ ऊष्मा उत्सर्जित होगी।

(ΔH negative है, लेकिन “उत्सर्जित ऊष्मा” पूछी है, इसलिए magnitude लिखते हैं।)
क्या आप जानते हैं?
👉 Thermochemistry में sign याद रखो:

ΔH negative ⇒ ऊष्मा निकलती है (exothermic)
ΔH positive ⇒ ऊष्मा अवशोषित होती है (endothermic)
Q.12: CO(g), CO2(g), N2O(g) तथा N2O4(g) की निर्माण एन्थैल्पी क्रमशः −110, −393, 81 तथा 9.7 kJ mol−1 है। अभिक्रिया

N2O4(g) + 3CO(g) → N2O(g) + 3CO2(g)

के लिए ΔrH का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर
ΔrH = −777.7 kJ mol−1
व्याख्या – Step by Step
Step 1: सूत्र लिखें (formation enthalpy से reaction enthalpy)
ΔrH = ΣΔfH(उत्पाद) − ΣΔfH(अभिकारक)

Step 2: उत्पादों का योग
= ΔfH[N2O(g)] + 3×ΔfH[CO2(g)]
= 81 + 3×(−393)
= 81 − 1179
= −1098 kJ mol−1

Step 3: अभिकारकों का योग
= ΔfH[N2O4(g)] + 3×ΔfH[CO(g)]
= 9.7 + 3×(−110)
= 9.7 − 330
= −320.3 kJ mol−1

Step 4: ΔrH निकालें
ΔrH = ΣΔfH(उत्पाद) − ΣΔfH(अभिकारक)
ΔrH = (−1098) − (−320.3)
= −1098 + 320.3
= −777.7 kJ mol−1

✅ इसलिए अभिक्रिया उष्माक्षेपी (exothermic) है।
क्या आप जानते हैं?
👉 अगर ΔrH negative आए, तो अभिक्रिया में ऊष्मा का उत्सर्जन होता है।

और formation enthalpy वाले questions में सबसे safe तरीका यही है:
Products का ΣReactants का Σ (signs को जैसा है वैसा ही रखो)।
Q.13: N2(g) + 3H2(g) → 2NH3(g); ΔrH° = −92.4 kJ mol−1. NH3(g) की मानक निर्माण एन्थैल्पी (ΔfH°) क्या है?
उत्तर
ΔfH°[NH3(g)] = −46.2 kJ mol−1
व्याख्या – Step by Step
Step 1: Formation reaction समझें
NH3(g) की निर्माण अभिक्रिया 1 mol NH3 बनाने के लिए होती है:
½ N2(g) + 3/2 H2(g) → NH3(g)

Step 2: दिए गए reaction से relation बनाएं
दिया है:
N2(g) + 3H2(g) → 2NH3(g)
ΔrH° = −92.4 kJ mol−1

यहाँ 2 mol NH3 बन रहे हैं।
तो 1 mol NH3 के लिए enthalpy आधी होगी।

Step 3: गणना
ΔfH°[NH3(g)] = (1/2) × (−92.4)
= −46.2 kJ mol−1

✅ इसलिए NH3(g) की मानक निर्माण एन्थैल्पी −46.2 kJ mol−1 है।
क्या आप जानते हैं?
👉 Standard enthalpy of formation हमेशा 1 mol compound के लिए define होती है।

इसलिए अगर equation में 2 mol product बन रहा हो, तो ΔH को per mole करने के लिए divide करना पड़ता है।
Q.14: निम्नलिखित आँकड़ों से CH3OH(l) की मानक निर्माण एन्थैल्पी (ΔfH°) ज्ञात कीजिए—

CH3OH(l) + 3/2 O2(g) → CO2(g) + 2H2O(l) ; ΔrH° = −726 kJ mol−1
C(ग्रेफाइट) + O2(g) → CO2(g) ; ΔfH° = −393 kJ mol−1
H2(g) + 1/2 O2(g) → H2O(l) ; ΔfH° = −286 kJ mol−1
उत्तर
ΔfH°[CH3OH(l)] = −239 kJ mol−1
व्याख्या – Step by Step
Step 1: Reaction enthalpy का सूत्र
ΔrH° = ΣΔfH°(उत्पाद) − ΣΔfH°(अभिकारक)

Step 2: इस reaction पर apply करें
CH3OH(l) + 3/2 O2(g) → CO2(g) + 2H2O(l)
यहाँ ΔfH°[O2(g)] = 0 (standard state)

तो,
−726 = [ΔfH°(CO2) + 2ΔfH°(H2O)] − [ΔfH°(CH3OH) + (3/2)×0]

Step 3: मान रखें
−726 = [ (−393) + 2(−286) ] − ΔfH°(CH3OH)

पहले bracket:
(−393) + 2(−286) = −393 − 572 = −965

तो,
−726 = (−965) − ΔfH°(CH3OH)

Step 4: ΔfH° निकालें
ΔfH°(CH3OH) = −965 + 726
= −239 kJ mol−1

✅ यही उत्तर है।
क्या आप जानते हैं?
👉 Standard state में O2, N2, H2 जैसे elements के लिए ΔfH° = 0 माना जाता है।

इसी trick से ऐसे thermochemistry वाले सवाल बहुत जल्दी solve हो जाते हैं।
Q.15: CCl4(g) → C(g) + 4Cl(g) अभिक्रिया के लिए एन्थैल्पी-परिवर्तन ज्ञात कीजिए, तथा CCl4 में C–Cl की आबंध एन्थैल्पी (औसत) की गणना कीजिए।

दिया है:
ΔH°vap(CCl4) = 30.5 kJ mol−1
ΔH°f(CCl4(l)) = −135.5 kJ mol−1
ΔH°a(C) = 715.0 kJ mol−1 (C(s) → C(g))
ΔH°a(Cl2) = 242 kJ mol−1 (Cl2(g) → 2Cl(g))
उत्तर
✅ (1) ΔH° [CCl4(g) → C(g) + 4Cl(g)] = +1304 kJ mol−1
✅ (2) CCl4 में औसत C–Cl आबंध एन्थैल्पी = 326 kJ mol−1
व्याख्या – Step by Step
हमें चाहिए: CCl4(g) → C(g) + 4Cl(g)
इसके लिए Hess’s law से दिए गए steps जोड़ते हैं:

Step 1: CCl4(g) बनाने से उल्टा रास्ता सोचें
दिया है formation (liquid):
C(s) + 2Cl2(g) → CCl4(l) ; ΔH° = −135.5

लेकिन हमें CCl4(g) चाहिए, इसलिए vaporization जोड़ेंगे:
CCl4(l) → CCl4(g) ; ΔH° = +30.5

तो,
C(s) + 2Cl2(g) → CCl4(g)
ΔH° = −135.5 + 30.5 = −105.0 kJ mol−1

अब इसे उल्टा करेंगे (क्योंकि हमें CCl4(g) तोड़ना है):
CCl4(g) → C(s) + 2Cl2(g)
ΔH° = +105.0 kJ mol−1

Step 2: अब atoms बनाने के लिए atomisation जोड़ें
C(s) → C(g) ; ΔH° = +715.0

2Cl2(g) → 4Cl(g)
पहले: Cl2(g) → 2Cl(g) ; ΔH° = +242
तो 2Cl2 के लिए: ΔH° = 2×242 = +484

Step 3: सब जोड़ दें
CCl4(g) → C(s) + 2Cl2(g) : +105.0
C(s) → C(g) : +715.0
2Cl2(g) → 4Cl(g) : +484.0

कुल ΔH° = 105.0 + 715.0 + 484.0
ΔH° = 1304 kJ mol−1

C–Cl औसत आबंध एन्थैल्पी
CCl4 में कुल 4 C–Cl bond होते हैं।
औसत bond enthalpy = 1304 / 4
= 326 kJ mol−1
क्या आप जानते हैं?
👉 “Bond enthalpy” अक्सर औसत (average) होती है, क्योंकि एक ही molecule में अलग-अलग टूटने के steps में bond strength थोड़ा बदल सकती है।

इसलिए किताबों में इसे mean bond enthalpy भी कहते हैं।
Q.16: एक विलगित (isolated) निकाय के लिए ΔU = 0, इसके लिए ΔS क्या होगा?
उत्तर
ΔS धनात्मक होगा (ΔS > 0)
(स्वतः होने वाली प्रक्रिया के लिए)
व्याख्या – Step by Step
1. विलगित निकाय (isolated system) में न तो ऊष्मा बाहर/अंदर जाती है और न ही कार्य होता है।
👉 इसलिए उसकी कुल ऊर्जा स्थिर रहती है।

2. प्रश्न में दिया है: ΔU = 0
मतलब: ऊर्जा (energy factor) से कोई अभिक्रिया को आगे बढ़ाने का कारण नहीं मिल रहा।

3. ऊष्मागतिकी के अनुसार विलगित तंत्र में कोई भी स्वतः (spontaneous) प्रक्रिया तभी होगी जब:
✅ एंट्रॉपी बढ़े यानी: ΔS > 0
(और equilibrium पर ΔS = 0 हो जाता है।)
क्या आप जानते हैं?
👉 Isolated system के लिए “golden rule” याद रखो:

Spontaneous change: ΔS > 0
Equilibrium: ΔS = 0
Non-spontaneous: ΔS < 0
Q.17: 298 K पर अभिक्रिया 2A + B → C के लिए ΔH = 400 kJ mol−1 तथा ΔS = 0.2 kJ K−1 mol−1 है। ΔH और ΔS को ताप-परास में स्थिर मानते हुए बताइए कि किस ताप पर अभिक्रिया स्वतः होगी।
उत्तर
✅ अभिक्रिया T > 2000 K पर स्वतः (spontaneous) होगी।
व्याख्या – Step by Step
Step 1: Gibbs free energy का सूत्र
ΔG = ΔH − TΔS
अभिक्रिया स्वतः होने के लिए:
ΔG < 0 होना चाहिए

Step 2: सीमा ताप (threshold temperature) निकालें
साम्य पर ΔG = 0
0 = ΔH − TΔS
T = ΔH / ΔS

Step 3: मान रखें
ΔH = 400 kJ mol−1
ΔS = 0.2 kJ K−1 mol−1
T = 400 / 0.2
T = 2000 K

Step 4: निष्कर्ष
यहाँ ΔH धनात्मक और ΔS भी धनात्मक है, इसलिए:
• कम ताप पर ΔH प्रभावी होगा → ΔG positive
• अधिक ताप पर TΔS प्रभावी होगा → ΔG negative

✅ इसलिए अभिक्रिया 2000 K से अधिक ताप पर स्वतः होगी।
क्या आप जानते हैं?
👉 जब ΔH > 0 और ΔS > 0 हो, तो reaction आमतौर पर:

high temperature पर favourable होती है (क्योंकि TΔS term बढ़ता जाता है)।
Q.18: अभिक्रिया 2Cl(g) → Cl2(g) के लिए ΔH तथा ΔS के चिन्ह (sign) क्या होंगे?
उत्तर
ΔH ऋणात्मक (−ve)
ΔS ऋणात्मक (−ve)
व्याख्या – Step by Step
Step 1: ΔH का sign
2Cl(g) → Cl2(g)
यहाँ Cl–Cl बंध बन रहा है।
बंध बनने पर ऊर्जा मुक्त होती है (heat निकलती है)।
✅ इसलिए ΔH < 0 (उष्माक्षेपी)

Step 2: ΔS का sign
• बाईं ओर: 2 mol गैसीय परमाणु
• दाईं ओर: 1 mol गैसीय अणु

गैस के कण कम हो गए ⇒ randomness/अव्यवस्था घट गई।
✅ इसलिए ΔS < 0
क्या आप जानते हैं?
👉 गैसीय अभिक्रियाओं में एक easy trick:

moles of gas कमΔS negative
moles of gas ज्यादाΔS positive
Q.19: अभिक्रिया 2A(g) + B(g) → 2D(g) के लिए, ΔU° = −10.5 kJ तथा ΔS° = −44.1 J K−1 mol−1 दिया है। अभिक्रिया के लिए ΔG° की गणना कीजिए तथा बताइए कि क्या अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित हो सकती है? (मानक ताप T = 298 K मानिए)
उत्तर
ΔG° = +0.162 kJ mol−1 (लगभग)
अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित नहीं होगी (298 K पर)
व्याख्या – Step by Step
Step 1: Δn निकालें (केवल गैसों के मोल)
अभिकारक: 2A + B ⇒ 2 + 1 = 3 mol gas
उत्पाद: 2D2 mol gas
Δng = 2 − 3 = −1

Step 2: ΔH° निकालें
सूत्र: ΔH° = ΔU° + ΔngRT
R = 8.314 × 10−3 kJ mol−1 K−1, T = 298 K
ΔnRT = (−1)(8.314×10−3)(298)
= −2.478 kJ mol−1 (लगभग)
ΔH° = −10.5 + (−2.478)
ΔH° = −12.98 kJ mol−1 (लगभग)

Step 3: ΔS° को kJ में बदलें
ΔS° = −44.1 J K−1 mol−1 = −44.1 × 10−3 kJ K−1 mol−1

Step 4: Gibbs free energy निकालें
ΔG° = ΔH° − TΔS°
TΔS° = 298 × (−44.1×10−3)
= −13.14 kJ mol−1 (लगभग)
ΔG° = −12.98 − (−13.14)
= −12.98 + 13.14
= +0.16 kJ mol−1 (लगभग)

✅ इसलिए ΔG° धनात्मक है।
क्या आप जानते हैं?
👉 Spontaneous होने का सबसे सीधा rule:

ΔG < 0 ⇒ spontaneous
ΔG = 0 ⇒ equilibrium
ΔG > 0 ⇒ non-spontaneous
Q.20: 300 K पर एक अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक (K) = 10 है। ΔG° का मान क्या होगा?
(R = 8.314 J K−1 mol−1)
उत्तर
ΔG° = −5.74 kJ mol−1 (लगभग)
व्याख्या – Step by Step
Step 1: सूत्र लिखें
ΔG° = −RT ln K
या
ΔG° = −2.303 RT log K

Step 2: मान रखें
K = 10 ⇒ log K = log 10 = 1
T = 300 K, R = 8.314 J K−1 mol−1

ΔG° = −2.303 × 8.314 × 300 × 1
= −5744.1 J mol−1
= −5.744 kJ mol−1

✅ इसलिए ΔG° ≈ −5.74 kJ mol−1
क्या आप जानते हैं?
👉 अगर K > 1, तो ΔG° हमेशा negative आता है, मतलब reaction products की तरफ ज्यादा favour होती है।
Q.21: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के आधार पर NO(g) के ऊष्मागतिकी स्थायित्व पर टिप्पणी कीजिए—

(1) 1/2 N2(g) + 1/2 O2(g) → NO(g); ΔrH° = +90 kJ mol−1
(2) NO(g) + 1/2 O2(g) → NO2(g); ΔrH° = −74 kJ mol−1
उत्तर
NO(g) ऊष्मागतिकी रूप से अस्थायी (less stable) है, जबकि NO2(g) अधिक स्थायी है।
व्याख्या – Step by Step
Step 1: अभिक्रिया (1) देखें
ΔrH° = +90 kJ mol−1
👉 ΔH positive है, यानी NO बनने में ऊर्जा अवशोषित होती है (endothermic formation)
✅ इसलिए NO की enthalpy ज्यादा है और यह कम स्थायी माना जाता है।

Step 2: अभिक्रिया (2) देखें
ΔrH° = −74 kJ mol−1
👉 ΔH negative है, यानी NO से NO2 बनने पर ऊर्जा निकलती है (exothermic)
✅ इसका मतलब NO2 की enthalpy कम है, इसलिए यह अधिक स्थायी है।

Final निष्कर्ष
✅ अस्थायी NO(g) स्वाभाविक रूप से स्थायी NO2(g) में परिवर्तित होने की प्रवृत्ति रखता है (ऑक्सीजन की उपस्थिति में)।
क्या आप जानते हैं?
👉 किसी species का निर्माण अगर endothermic (ΔH +ve) हो, तो वह अक्सर thermodynamically less stable होती है।

और यदि वही species किसी reaction में heat release करके अधिक स्थायी उत्पाद बना दे, तो वह अनुकूल हो जाता है।
Q.22: जब 1.00 मोल H2O(l) को मानक परिस्थितियों (298 K) में निर्मित किया जाता है, तब परिवेश (surroundings) के एंट्रॉपी-परिवर्तन (ΔSsurr) की गणना कीजिए।
दिया है: ΔfH°[H2O(l)] = −286 kJ mol−1
उत्तर
ΔSsurr = +0.960 kJ K−1 mol−1
(या)ΔSsurr = +959.7 J K−1 mol−1
व्याख्या – Step by Step
Step 1: Formation reaction लिखें
H2(g) + 1/2 O2(g) → H2O(l)
ΔH = −286 kJ mol−1

मतलब: 1 mol पानी बनने पर 286 kJ ऊष्मा निकलती है (system से बाहर)

Step 2: परिवेश को heat कितनी मिलेगी?
सिस्टम से निकली ऊष्मा परिवेश अवशोषित करता है
qsurr = +286 kJ mol−1

Step 3: सूत्र लगाएँ
ΔSsurr = qsurr / T
T = 298 K
ΔSsurr = 286 / 298
= 0.9597 kJ K−1 mol−1
= 959.7 J K−1 mol−1

✅ इसलिए surroundings की entropy बढ़ती है।
क्या आप जानते हैं?
👉 ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में (ΔH < 0)
✅ परिवेश को heat मिलती है ⇒ ΔSsurr positive

और ऊष्माशोषी अभिक्रिया में इसका उल्टा होता है।
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