NCERT Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 2 Electrochemistry in Hindi

Class 12 Chemistry का Chapter 2 – Electrochemistry छात्रों के लिए थोड़ा challenging माना जाता है, लेकिन सही explanation और step-by-step solutions के साथ यह chapter आसान बन सकता है। इस पोस्ट में आपको NCERT Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 2 Electrochemistry in Hindi मिलेंगे, जो NCERT textbook और CBSE syllabus के अनुसार पूरी तरह तैयार किए गए हैं।

ये solutions खास तौर पर उन छात्रों के लिए हैं जो concepts को हिंदी में स्पष्ट रूप से समझना चाहते हैं और board exam की तैयारी मजबूत करना चाहते हैं।

NCERT Solution – Mass Percentage
Q.1: निम्नलिखित धातुओं को उस क्रम में व्यवस्थित कीजिए, जिसमें वे एक-दूसरे को उनके लवणों के विलयनों से विस्थापित करती हैं। Al, Cu, Fe, Mg तथा Zn
उत्तर
विस्थापन क्षमता का क्रम (अधिक से कम):
Mg > Al > Zn > Fe > Cu
व्याख्या
👉 जो धातु अधिक क्रियाशील (reactive) होती है, वह किसी कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण के विलयन से विस्थापित कर देती है।

👉 धातुओं की विस्थापन क्षमता को समझने के लिए हम धातु क्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity series) का उपयोग करते हैं।

दी गई धातुओं की अभिक्रियाशीलता इस क्रम में होती है:
• Mg (मैग्नीशियम) – सबसे अधिक अभिक्रियाशील
• Al (एल्युमिनियम)
• Zn (जिंक)
• Fe (लोहा)
• Cu (तांबा) – सबसे कम अभिक्रियाशील

👉 इसलिए जो धातु सूची में ऊपर है, वह नीचे वाली धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर सकती है।
क्या आप जानते हैं?
👉 अधिक क्रियाशील धातु → कम क्रियाशील धातु को विस्थापित करती है
👉 Cu लगभग सभी दी गई धातुओं द्वारा विस्थापित हो सकता है
👉 Mg सबसे प्रबल reducing agent है
👉 परीक्षा ट्रिक (याद रखने के लिए): Mg Al Zn Fe Cu (ऊपर से नीचे = शक्ति कम होती जाती है)
Q.2 नीचे दिए गए मानक इलेक्ट्रोड विभवों के आधार पर धातुओं को उनकी बढ़ती हुई अपचायक क्षमता (reducing power) के क्रम में व्यवस्थित कीजिए—
K⁺/K = –2.93 V, Ag⁺/Ag = +0.80 V, Hg²⁺/Hg = +0.79 V, Mg²⁺/Mg = –2.37 V, Cr³⁺/Cr = –0.74 V
उत्तर
अपचायक क्षमता का बढ़ता क्रम:
Ag < Hg < Cr < Mg < K
व्याख्या
मुख्य सिद्धांत
• किसी धातु की अपचायक क्षमता उसके मानक अपचयन विभव (E°) पर निर्भर करती है।
• E° का मान जितना अधिक ऋणात्मक (negative) होगा, धातु की अपचायक क्षमता उतनी अधिक होगी।

कारण
• अधिक ऋणात्मक E° वाली धातु इलेक्ट्रॉन आसानी से छोड़ती है।
• इसलिए वह एक अच्छा reducing agent होती है।

दिए गए E° मान
• Ag⁺/Ag = +0.80 V
• Hg²⁺/Hg = +0.79 V
• Cr³⁺/Cr = –0.74 V
• Mg²⁺/Mg = –2.37 V
• K⁺/K = –2.93 V

Step-wise विश्लेषण
• Ag और Hg के E° धनात्मक हैं → ये कमज़ोर अपचायक हैं
• Cr का E° थोड़ा ऋणात्मक है → मध्यम अपचायक
• Mg का E° अधिक ऋणात्मक है → शक्तिशाली अपचायक
• K का E° सबसे अधिक ऋणात्मक है → सबसे शक्तिशाली अपचायक

निष्कर्ष
E° के मान को धनात्मक से ऋणात्मक क्रम में रखने पर अपचायक क्षमता कम से अधिक होती जाती है।
इसलिए क्रम है:
Ag < Hg < Cr < Mg < K
क्या आप जानते हैं?
• More negative E° → stronger reducing agent
• धातु जितनी आसानी से e⁻ छोड़ेगी, उतनी ही अच्छी अपचायक होगी
• K और Na जैसी क्षार धातुएँ हमेशा सबसे ऊपर reducing power में आती हैं
• परीक्षा ट्रिक:
E° ↓ (more –ve) ⇒ Reducing power ↑
Q.3: एक गैल्वैनिक (डैनियल) सेल को दर्शाइए जिसमें निम्नलिखित अभिक्रिया होती है—
Zn(s) + 2Ag⁺(aq) → Zn²⁺(aq) + 2Ag(s)
अब बताइए—
(i) कौन-सा इलेक्ट्रोड ऋणात्मक आवेशित है?
(ii) सेल में विद्युत धारा के वाहक कौन-से हैं?
(iii) प्रत्येक इलेक्ट्रोड पर होने वाली अभिक्रिया क्या है?
उत्तर
(i) जिंक (Zn) इलेक्ट्रोड ऋणात्मक आवेशित होता है।

(ii) बाह्य परिपथ में इलेक्ट्रॉन तथा आंतरिक परिपथ (विलयन) में आयन विद्युत धारा के वाहक होते हैं।

(iii)
👉 एनोड पर: Zn(s) → Zn²⁺(aq) + 2e⁻
👉 कैथोड पर: 2Ag⁺(aq) + 2e⁻ → 2Ag(s)
व्याख्या
सेल की रचना
इस गैल्वैनिक सेल में—
• Zn/Zn²⁺ अर्ध-सेल
• Ag⁺/Ag अर्ध-सेल
• दोनों अर्ध-सेलों को लवण सेतु (Salt bridge) से जोड़ा गया है।

सेल संकेत (Cell notation):
Zn(s) | Zn²⁺(aq) || Ag⁺(aq) | Ag(s)

(i) कौन-सा इलेक्ट्रोड ऋणात्मक है?
• जिंक धातु आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागता है।
• जिंक पर ऑक्सीकरण होता है।
• जो इलेक्ट्रोड ऑक्सीकरण करता है, वही एनोड होता है।
अतः— Zn इलेक्ट्रोड ऋणात्मक (Negative) होता है।

(ii) सेल में विद्युत धारा के वाहक
👉 बाह्य परिपथ (तार) में → इलेक्ट्रॉन (e⁻)
👉 आंतरिक परिपथ (विलयन और लवण सेतु) में → आयन (Zn²⁺, Ag⁺, NO₃⁻, K⁺ आदि)
यही मिलकर परिपथ को पूर्ण करते हैं।

(iii) प्रत्येक इलेक्ट्रोड पर अभिक्रिया
एनोड (Zn इलेक्ट्रोड) पर — ऑक्सीकरण:
Zn(s) → Zn²⁺(aq) + 2e⁻

कैथोड (Ag इलेक्ट्रोड) पर — अपचयन:
2Ag⁺(aq) + 2e⁻ → 2Ag(s)
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 Oxidation हमेशा एनोड पर होता है
👉 Reduction हमेशा कैथोड पर होता है
👉 गैल्वैनिक सेल में
→ एनोड = ऋणात्मक
→ कैथोड = धनात्मक
👉 इलेक्ट्रॉन हमेशा
एनोड → कैथोड की ओर जाते हैं

• परीक्षा ट्रिक: “ALONE”
(Anode, Left side, Oxidation, -ve charge , Electrode)
Q.4 निम्नलिखित अभिक्रियाओं वाले गैल्वैनिक सेलों का मानक सेल-विभव, ΔrG° तथा साम्य स्थिरांक (K) परिकलित कीजिए।
(i) 2Cr(s) + 3Cd²⁺(aq) → 2Cr³⁺(aq) + 3Cd(s)
(ii) Fe²⁺(aq) + Ag⁺(aq) → Fe³⁺(aq) + Ag(s)
उत्तर
(i)
• E°cell = +0.34 V
• ΔrG° = –196.86 kJ mol⁻¹
• K = 3.17 × 10³⁴

(ii)
• E°cell = +0.03 V
• ΔrG° = –2.895 kJ mol⁻¹
• K = 3.22
व्याख्या
प्रयुक्त मानक अपचयन विभव
Cr³⁺/Cr = –0.74 V
Cd²⁺/Cd = –0.40 V
Fe³⁺/Fe²⁺ = +0.77 V
Ag⁺/Ag = +0.80 V

स्थिरांक:
F = 96500 C mol⁻¹
R = 8.314 J mol⁻¹ K⁻¹
T = 298 K

(i) 2Cr(s) + 3Cd²⁺(aq) → 2Cr³⁺(aq) + 3Cd(s)

Step 1: सेल निरूपण
Cr(s) | Cr³⁺(aq) || Cd²⁺(aq) | Cd(s)

Step 2: मानक सेल-विभव
E°cell = E°(कैथोड) − E°(एनोड)
\( E_{\text{Cell}}^{0} = E_{\text{Cd}^{2+}/\text{Cd}}^{0} - E_{\text{Cr}^{3+}/\text{Cr}}^{0} \)
E°cell = (–0.40) − (–0.74)
E°cell = +0.34 V

Step 3: ΔrG° की गणना
इस अभिक्रिया में इलेक्ट्रॉनों की संख्या, n = 6
ΔrG° = – n F E°cell
ΔrG° = – 6 × 96500 × 0.34
= –196860 J mol⁻¹
= –196.86 kJ mol⁻¹

Step 4: साम्य स्थिरांक (K)
ΔrG° = –2.303 RT log₁₀K
–196860 = –2.303 × 8.314 × 298 × log₁₀K
log K = \( \frac{196860}{2.303 \times 8.314 \times 298} \)
log₁₀K = 34.50
K = antilog(34.50)
K = 3.17 × 10³⁴

(ii) Fe²⁺(aq) + Ag⁺(aq) → Fe³⁺(aq) + Ag(s)

Step 1: सेल निरूपण
Fe²⁺(aq) | Fe³⁺(aq) || Ag⁺(aq) | Ag(s)

Step 2: मानक सेल-विभव
\( E_{\text{Cell}}^{0} = E_{\text{Ag}^{+}/\text{Ag}}^{0} - E_{\text{Fe}^{3+}/\text{Fe}}^{0} \)
E°cell = 0.80 − 0.77
E°cell = +0.03 V

Step 3: ΔrG° की गणना
यहाँ n = 1
ΔrG° = – n F E°cell
ΔrG° = –1 × 96500 × 0.03
= –2895 J mol⁻¹
= –2.895 kJ mol⁻¹

Step 4: साम्य स्थिरांक (K)
ΔrG° = –2.303 RT log₁₀K
–2895 = –2.303 × 8.314 × 298 × log₁₀K
log K = \( \frac{2895}{2.303 \times 8.314 \times 298} \)
log₁₀K = 0.507
K = antilog(0.507)
K = 3.22
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 E°cell धनात्मक ⇒ अभिक्रिया स्वतःप्रवर्तित
👉 ΔrG° ऋणात्मक ⇒ अभिक्रिया आगे की दिशा में जाएगी
👉 E°cell जितना बड़ा ⇒ K उतना बड़ा
👉 पहले E°cell, फिर ΔG°, फिर K निकालना सबसे सही क्रम है
👉 परीक्षा ट्रिक: E°cell ↑ ⇒ ΔG° अधिक ऋणात्मक ⇒ K बहुत बड़ा
Q.5 निम्नलिखित सेलों के लिए 298 K पर नर्न्स्ट समीकरण तथा EMF लिखिए—
(i) Mg(s) | Mg²⁺ (0.001 M) || Cu²⁺ (0.0001 M) | Cu(s)
(ii) Fe(s) | Fe²⁺ (0.001 M) || H⁺ (1 M) | H₂(g) (1 bar) | Pt(s)
(iii) Sn(s) | Sn²⁺ (0.050 M) || H⁺ (0.020 M) | H₂(g) (1 bar) | Pt(s)
(iv) Pt(s) | Br⁻ (0.010 M) | Br₂(l) || H⁺ (0.030 M) | H₂(g) (1 bar) | Pt(s)
उत्तर
(i) EMF = 2.68 V
(ii) EMF = 0.53 V
(iii) EMF = 0.078 V
(iv) EMF = –1.28 V
व्याख्या
(i) Mg(s) | Mg²⁺ (0.001 M) || Cu²⁺ (0.0001 M) | Cu(s)
सेल अभिक्रिया:
Mg(s) + Cu²⁺(aq) → Mg²⁺(aq) + Cu(s)
n = 2

मानक अपचयन विभव:
E°(Cu²⁺/Cu) = +0.34 V
E°(Mg²⁺/Mg) = −2.37 V

मानक सेल विभव:
\( E_{\text{cell}}^{\circ} = 0.34 - (-2.37) = 2.71\ \mathrm{V} \)

नर्न्स्ट समीकरण:
\( E_{\text{cell}} = E_{\text{cell}}^{\circ} - \frac{0.059}{2}\log\left(\frac{[Mg^{2+}]}{[Cu^{2+}]}\right) \)
\( E_{\text{cell}} = 2.71 - \frac{0.059}{2}\log\left(\frac{0.001}{0.0001}\right) \)
\( E_{\text{cell}} = 2.71 - \frac{0.059}{2}\log(10) \)
Ecell = 2.68 V

(ii) Fe(s) | Fe²⁺ (0.001 M) || H⁺ (1 M) | H₂(g) (1 bar) | Pt(s)
सेल अभिक्रिया:
Fe(s) + 2H⁺(aq) → Fe²⁺(aq) + H₂(g)
n = 2

मानक अपचयन विभव:
E°(H⁺/H₂) = 0.00 V
E°(Fe²⁺/Fe) = −0.44 V

मानक सेल विभव:
\( E_{\text{cell}}^{\circ} = 0 - (-0.44) = 0.44\ \mathrm{V} \)

नर्न्स्ट समीकरण:
\( E_{\text{cell}} = 0.44 - \frac{0.059}{2}\log\left(\frac{[Fe^{2+}]}{[H^+]^2}\right) \)
\( E_{\text{cell}} = 0.44 - \frac{0.059}{2}\log(10^{-3}) \)
\( E_{\text{cell}} = 0.44 + 0.0885 \)
Ecell = 0.53 V

(iii) Sn(s) | Sn²⁺ (0.050 M) || H⁺ (0.020 M) | H₂(g) (1 bar) | Pt(s)
सेल अभिक्रिया:
Sn(s) + 2H⁺(aq) → Sn²⁺(aq) + H₂(g)
n = 2

मानक अपचयन विभव:
E°(Sn²⁺/Sn) = −0.14 V

मानक सेल विभव:
\( E_{\text{cell}}^{\circ} = 0 - (-0.14) = 0.14\ \mathrm{V} \)

नर्न्स्ट समीकरण:
\( E_{\text{cell}} = 0.14 - \frac{0.059}{2}\log\left(\frac{0.050}{(0.020)^2}\right) \)
\( E_{\text{cell}} = 0.14 - \frac{0.059}{2}\log(125) \)
Ecell ≈ 0.078 V

(iv) Pt(s) | Br⁻ (0.010 M) | Br₂(l) || H⁺ (0.030 M) | H₂(g) (1 bar) | Pt(s)
सेल अभिक्रिया:
Br₂(l) + H₂(g) → 2Br⁻(aq) + 2H⁺(aq)
n = 2

मानक अपचयन विभव:
E°(Br₂/Br⁻) = +1.08 V
E°(H⁺/H₂) = 0.00 V

मानक सेल विभव:
\( E_{\text{cell}}^{\circ} = 0 - 1.08 = -1.08\ \mathrm{V} \)

नर्न्स्ट समीकरण:
\( E_{\text{cell}} = -1.08 - \frac{0.059}{2}\log\left(\frac{1}{(0.010)^2(0.030)^2}\right) \)
\( E_{\text{cell}} = -1.08 - \frac{0.059}{2}\log(1.11 \times 10^7) \)
Ecell = –1.288 V
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 298 K पर हमेशा 0.059/n का प्रयोग करो
👉 ठोस और शुद्ध द्रव की सांद्रता नर्न्स्ट समीकरण में नहीं आती
👉 H₂ गैस 1 bar पर हो तो उसे समीकरण में नहीं लिखते
👉 पहले E°cell, फिर reaction quotient Q, फिर log term
👉 Ecell का मान −ve हो तो सेल स्वतः कार्य नहीं करेगा
Q.6 घड़ियों तथा अन्य युक्तियों में अत्यधिक उपयोग में आने वाली बटन सेलों में निम्नलिखित अभिक्रिया होती है—
Zn(s) + Ag₂O(s) + H₂O(l) → Zn²⁺(aq) + 2Ag(s) + 2OH⁻(aq)
इस अभिक्रिया के लिए ΔrG° तथा E°cell ज्ञात कीजिए।
उत्तर
• मानक सेल विभव (E°cell) = 1.104 V
• मानक गिब्स ऊर्जा परिवर्तन (ΔrG°) = –2.13 × 10⁵ J mol⁻¹
व्याख्या
दिया गया (मानक अपचयन विभव)

Ag₂O(s) + H₂O(l) + 2e⁻ → 2Ag(s) + 2OH⁻(aq)
Ag का मानक अपचयन विभव:
\( E_{\mathrm{Ag_2O/Ag}}^{\circ} = +0.344\ V \)

Zn का मानक अपचयन विभव:
Zn²⁺(aq) + 2e⁻ → Zn(s)
\( E_{\mathrm{Zn^{2+}/Zn}}^{\circ} = -0.76\ V \)

Step 1: एनोड और कैथोड की पहचान
• Zn का अपचयन विभव अधिक ऋणात्मक है
→ Zn पर ऑक्सीकरण होगा
→ Zn = एनोड

• Ag₂O का अपचयन विभव अधिक धनात्मक है
→ Ag₂O पर अपचयन होगा
→ Ag₂O = कैथोड

Step 2: मानक सेल विभव की गणना
सूत्र : मानक सेल विभव = कैथोड का E° − एनोड का E°
\( E_{\text{cell}}^{\circ} = E_{\mathrm{Ag_2O/Ag}}^{\circ} - E_{\mathrm{Zn^{2+}/Zn}}^{\circ} \)
\( E_{\text{cell}}^{\circ} = 0.344 - (-0.76) \)
\( E_{\text{cell}}^{\circ} = \mathbf{1.104\ V} \)

Step 3: इलेक्ट्रॉनों की संख्या (n)
दी गई अभिक्रिया में,
Zn → Zn²⁺ + 2e⁻
अतः n = 2

Step 4: ΔrG° की गणना
सूत्र:
\( \Delta_r G^{\circ} = -n F E_{\text{cell}}^{\circ} \)
जहाँ F = 96500 C mol⁻¹

\( \Delta_r G^{\circ} = -2 \times 96500 \times 1.104 \)
\( \Delta_r G^{\circ} = -2.13 \times 10^{5}\ \mathrm{J\ mol^{-1}} \)
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 बटन सेल में Zn एनोड तथा Ag₂O कैथोड होता है
👉 E°cell जितना अधिक, सेल उतनी अधिक शक्तिशाली
👉 ΔrG° ऋणात्मक ⇒ अभिक्रिया स्वतःप्रवर्तित
👉 पहले E°cell, फिर ΔrG° निकालना आसान तरीका है
👉 परीक्षा ट्रिक: ΔG° = –nFE° (इस सूत्र से कभी गलती नहीं होती)
Q.7: किसी विद्युत-अपघट्य के विलयन की चालकता तथा मोलर चालकता की परिभाषा दीजिए। सान्द्रता के साथ इनके परिवर्तन की विवेचना कीजिए।
उत्तर
• चालकता (Conductivity / विशिष्ट चालकता, κ)
• मोलर चालकता (Molar conductivity, Λm)

• सान्द्रता घटाने पर
– चालकता घटती है
– मोलर चालकता बढ़ती है
व्याख्या
1. चालकता (Conductivity / विशिष्ट चालकता)
परिभाषा: किसी विद्युत-अपघट्य के विलयन की वह क्षमता, जिससे वह विद्युत धारा का प्रवाह कराता है, चालकता कहलाती है।
यह प्रतिरोध (R) का व्युत्क्रम होती है।

सूत्र:
चालकता = प्रतिरोध का व्युत्क्रम
\( \kappa = \frac{1}{R} \)

यदि
A = इलेक्ट्रोड का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल
l = इलेक्ट्रोडों के बीच की दूरी
तो,
\( \kappa = \frac{A}{l} \)

SI इकाई:
सीमेन्ज (Siemens, S)
(Ω⁻¹ के तुल्य)

2. मोलर चालकता (Molar Conductivity)
परिभाषा: वह चालकता जो विलयन में उपस्थित 1 मोल विद्युत-अपघट्य के सभी आयनों द्वारा प्रदर्शित की जाती है, मोलर चालकता कहलाती है। इसे Λm से व्यक्त किया जाता है।

सूत्र:
\( \Lambda_m = \kappa \times V \)

जहाँ
V = वह आयतन जिसमें 1 मोल विद्युत-अपघट्य घुला हो

इकाई:
S cm² mol⁻¹ या Ω⁻¹ cm² mol⁻¹

सान्द्रता के साथ परिवर्तन (Variation with Concentration)

(i) चालकता का परिवर्तन
• सान्द्रता घटाने पर चालकता घटती है।
• कारण: तनुकरण करने पर प्रति इकाई आयतन में आयन की संख्या कम हो जाती है, जिससे विद्युत धारा ले जाने वाले कण कम हो जाते हैं।
👉 इसलिए dilute करने पर κ हमेशा कम होती है (चाहे विद्युत-अपघट्य प्रबल हो या दुर्बल)

(ii) मोलर चालकता का परिवर्तन
• सान्द्रता घटाने पर मोलर चालकता बढ़ती है।
• कारण: तनुकरण पर वह कुल आयतन (V) बढ़ जाता है जिसमें 1 मोल विद्युत-अपघट्य उपस्थित होता है।
• आयतन में वृद्धि, चालकता (κ) में होने वाली कमी से अधिक प्रभावी होती है।
👉 इसलिए Λm = κ × V बढ़ती है।

प्रबल विद्युत-अपघट्य (Strong Electrolytes)
• प्रबल विद्युत-अपघट्यों के लिए मोलर चालकता तनुकरण पर धीरे-धीरे बढ़ती है।
संबंध:
\( \Lambda_m = \Lambda_m^{\circ} - A\sqrt{c} \)

• यदि Λm को √c के विरुद्ध प्लॉट करें, तो सीधी रेखा प्राप्त होती है।
• स्थिरांक A आयनों के आवेश पर निर्भर करता है:
– NaCl → 1–1
– CaCl₂ → 2–1
– MgSO₄ → 2–2
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 चालकता (κ) → प्रति इकाई आयतन की क्षमता
👉 मोलर चालकता (Λm) → 1 मोल विद्युत-अपघट्य की क्षमता
👉 तनुकरण पर
– κ ↓ (हमेशा घटती है)
– Λm ↑ (हमेशा बढ़ती है)
👉 प्रबल विद्युत-अपघट्य में Λm धीरे बढ़ती है
👉 परीक्षा ट्रिक: Dilution → κ कम, Λm ज़्यादा
Q.8: 298 K पर 0.20 M KCl विलयन की चालकता 0.0248 S cm⁻¹ है। इसकी मोलर चालकता परिकलित कीजिए।
उत्तर
• KCl विलयन की मोलर चालकता = 124 S cm² mol⁻¹
व्याख्या
दिया गया
ताप = 298 K
विलयन की मोलरता = 0.20 mol L⁻¹
विलयन की चालकता (κ) = 0.0248 S cm⁻¹

Step 1: मोलर चालकता का सूत्र
सूत्र : मोलर चालकता = चालकता × 1000 / मोलरता
\( \Lambda_m = \frac{\kappa \times 1000}{\text{मोलरता}} \)

Step 2: मान रखना (units के साथ)
\( \Lambda_m = \frac{0.0248\ \mathrm{S\ cm^{-1}} \times 1000\ \mathrm{cm^3\ L^{-1}}}{0.20\ \mathrm{mol\ L^{-1}}} \)

Step 3: गणना
\( \Lambda_m = 124\ \mathrm{S\ cm^2\ mol^{-1}} \)
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 मोलर चालकता निकालते समय 1000 से गुणा करना मत भूलना
👉 κ की unit हमेशा S cm⁻¹ में होनी चाहिए
👉 मोलरता mol L⁻¹ में होनी चाहिए
👉 dilute करने पर मोलर चालकता बढ़ती है
👉 परीक्षा ट्रिक: Λm = κ × 1000 / M
Q.9: 298 K पर एक चालकता सेल जिसमें 0.001 M KCl विलयन है, का प्रतिरोध 1500 Ω है। यदि 0.001 M KCl विलयन की चालकता 298 K पर 0.146 × 10⁻³ S cm⁻¹ हो, तो सेल स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
उत्तर
• सेल स्थिरांक = 0.219 cm⁻¹
व्याख्या
दिया गया
ताप = 298 K
सेल का प्रतिरोध, R = 1500 Ω
विलयन की चालकता, κ = 0.146 × 10⁻³ S cm⁻¹

Step 1: चालकता और प्रतिरोध का संबंध
सूत्र : चालकता (κ) = सेल स्थिरांक / प्रतिरोध (R)
\( \kappa = \frac{\text{सेल स्थिरांक}}{R} \)

Step 2: सेल स्थिरांक का सूत्र
सेल स्थिरांक = κ × R

Step 3: मान रखना (units के साथ)
सेल स्थिरांक = 0.146 × 10⁻³ S cm⁻¹ × 1500 Ω

Step 4: गणना
सेल स्थिरांक = 0.219 cm⁻¹
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 सेल स्थिरांक = l / A (इलेक्ट्रोड दूरी / क्षेत्रफल)
👉 अच्छे चालकता सेल में सेल स्थिरांक छोटा होता है
👉 पहले हमेशा unit check करो (Ω और S का गुणन)
👉 KCl विलयन को अक्सर मानक विलयन के रूप में प्रयोग किया जाता है
👉 परीक्षा ट्रिक: Cell constant = κ × R
Q.10: 298 K पर सोडियम क्लोराइड (NaCl) की विभिन्न सान्द्रताओं पर चालकता का मापन किया गया। दिए गए आँकड़ों के आधार पर सभी सान्द्रताओं के लिए मोलर चालकता (Λₘ) की गणना कीजिए तथा Λₘ और √c के बीच ग्राफ बनाकर Λ°ₘ का मान ज्ञात कीजिए।

सांद्रता (M) 0.001 0.010 0.020 0.050 0.100
10² × κ (S m⁻¹) 1.237 11.85 23.15 55.53 106.74
उत्तर
• विभिन्न सान्द्रताओं पर मोलर चालकता (Λₘ) के मान नीचे सारणी में दिए गए हैं।
• Λₘ बनाम √c का ग्राफ सीधी रेखा देता है।
• ग्राफ को √c = 0 तक extrapolate करने पर
Λ°ₘ (सीमांत मोलर चालकता) ≈ 126 S cm² mol⁻¹
व्याख्या
Step 1: मोलर चालकता का सूत्र
सूत्र (हिंदी में):
मोलर चालकता = चालकता × 1000 / मोलरता
\( \Lambda_m = \frac{\kappa \times 1000}{M} \)
(यहाँ κ को S cm⁻¹ में लिया गया है)

Step 2: Λₘ की गणना (उदाहरण)
0.001 M के लिए:
\( \Lambda_m = \frac{1.237 \times 10^{-4} \times 1000}{0.001} \)
\( \Lambda_m = 123.7\ \mathrm{S\ cm^2\ mol^{-1}} \)
इसी प्रकार शेष सभी सान्द्रताओं के लिए Λₘ निकाले गए हैं।

गणना सारणी
सान्द्रता (M) √c (M¹ᐟ²) κ (S m⁻¹) κ (S cm⁻¹) Λₘ (S cm² mol⁻¹)
0.001 0.032 1.237×10⁻² 1.237×10⁻⁴ 123.7
0.010 0.100 11.85×10⁻² 11.85×10⁻⁴ 118.5
0.020 0.141 23.15×10⁻² 23.15×10⁻⁴ 115.8
0.050 0.224 55.53×10⁻² 55.53×10⁻⁴ 111.1
0.100 0.316 106.74×10⁻² 106.74×10⁻⁴ 106.7

Step 3: Λₘ v/s √c का ग्राफ
• X-अक्ष: √c (mol L⁻¹)¹ᐟ²
• Y-अक्ष: Λₘ (S cm² mol⁻¹)
• सभी बिंदुओं को प्लॉट करने पर सीधी रेखा प्राप्त होती है।
• यह प्रबल विद्युत-अपघट्य (NaCl) के लिए अपेक्षित व्यवहार है।

Step 4: सीमांत मोलर चालकता (Λ°ₘ)
• ग्राफ को √c = 0 तक extrapolate किया जाता है।
• Y-अक्ष पर प्राप्त अवरोध (intercept) ही Λ°ₘ होता है।
\( \Lambda_m^{\circ} \approx 124\ \mathrm{S\ cm^2\ mol^{-1}} \)

Λm vs √c graph
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 प्रबल विद्युत-अपघट्य के लिए Λₘ और √c के बीच रेखीय संबंध होता है
👉 Λₘ = Λ°ₘ − A√c
👉 √c = 0 पर Λₘ = Λ°ₘ
👉 NaCl जैसे 1–1 इलेक्ट्रोलाइट के लिए यह ग्राफ हमेशा सीधी रेखा देता है
👉 परीक्षा ट्रिक: Graph से intercept = Λ°ₘ
Q.11: 0.00241 M एसीटिक अम्ल विलयन की चालकता 7.896 × 10⁻⁵ S cm⁻¹ है। इसकी मोलर चालकता परिकलित कीजिए। यदि एसीटिक अम्ल के लिए सीमांत मोलर चालकता (Λ°ₘ) का मान 390.5 S cm² mol⁻¹ हो, तो वियोजन स्थिरांक (Kₐ) ज्ञात कीजिए।
उत्तर
• मोलर चालकता (Λm) = 32.76 S cm² mol⁻¹
• वियोजन की डिग्री (α) = 0.084
• वियोजन स्थिरांक (Ka) = 1.86 × 10⁻⁵
व्याख्या
दिया गया
विलयन की मोलरता = 0.00241 mol L⁻¹
चालकता, κ = 7.896 × 10⁻⁵ S cm⁻¹
सीमांत मोलर चालकता, Λ°m = 390.5 S cm² mol⁻¹

Step 1: मोलर चालकता की गणना
सूत्र : मोलर चालकता = चालकता × 1000 / मोलरता

\( \Lambda_m = \frac{7.896 \times 10^{-5} \times 1000}{0.00241} \)

\( \Lambda_m = 32.76\ \mathrm{S\ cm^2\ mol^{-1}} \)

Step 2: वियोजन की डिग्री (α)
सूत्र :
\( \alpha = \frac{\Lambda_m}{\Lambda_m^{\circ}} \)

\( \alpha = \frac{32.76}{390.5} \)

α = 0.084

Step 3: वियोजन स्थिरांक (Ka)
सूत्र :

\( K_a = \frac{C \alpha^2}{1-\alpha} \)

\( K_a = \frac{0.00241 \times (0.084)^2}{1 - 0.084} \)

\( K_a = \frac{0.00241 \times 0.007056}{0.916} \)

\( K_a = 1.86 \times 10^{-5} \)
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 दुर्बल विद्युत-अपघट्य के लिए α = Λm / Λ°m
👉 Λ°m हमेशा अनंत तनुता पर लिया जाता है
👉 Ka = α²c / (1 − α) बहुत महत्वपूर्ण सूत्र है
👉 dilute विलयन में α का मान छोटा होता है
👉 परीक्षा ट्रिक: पहले Λm → फिर α → फिर Ka
Q.12: निम्नलिखित के अपचयन के लिए कितने आवेश (Faraday में) की आवश्यकता होगी—
(i) 1 मोल Al³⁺ को Al में
(ii) 1 मोल Cu²⁺ को Cu में
(iii) 1 मोल MnO₄⁻ को Mn²⁺ में
उत्तर
(i) 3 F
(ii) 2 F
(iii) 5 F
व्याख्या
मुख्य सिद्धांत
🤔 1 मोल इलेक्ट्रॉन का आवेश = 96500 C mol⁻¹ = 1 Faraday (1 F)
🤔 किसी आयन के अपचयन में जितने मोल इलेक्ट्रॉन लगते हैं, उतने ही Faraday आवेश की आवश्यकता होती है।

(i) Al³⁺ → Al
अपचयन अभिक्रिया:
Al³⁺ + 3e⁻ → Al
👉 1 मोल Al³⁺ के लिए
👉 3 मोल इलेक्ट्रॉन चाहिए
📌 अतः आवश्यक आवेश = 3 F

(ii) Cu²⁺ → Cu
अपचयन अभिक्रिया:
Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu
👉 1 मोल Cu²⁺ के लिए
👉 2 मोल इलेक्ट्रॉन चाहिए
📌 अतः आवश्यक आवेश = 2 F

(iii) MnO₄⁻ → Mn²⁺ (अम्लीय माध्यम में)
अपचयन अभिक्रिया:
MnO₄⁻ + 8H⁺ + 5e⁻ → Mn²⁺ + 4H₂O
👉 1 मोल MnO₄⁻ के लिए
👉 5 मोल इलेक्ट्रॉन चाहिए (Mn का ऑक्सीकरण अवस्थ = +7 से +2 पर गया है।)
📌 अतः आवश्यक आवेश = 5 F
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 1 mol e⁻ = 1 F (सीधा और सबसे ज़रूरी नियम)
👉 पहले अपचयन अभिक्रिया लिखो, फिर e⁻ गिनो
👉 जितने e⁻ → उतने Faraday
👉 MnO₄⁻ के प्रश्नों में, अम्लीय माध्यम में e⁻ = 5 याद रखो
👉 परीक्षा ट्रिक: Electrons गिने → Answer मिल गया
Q.13 निम्नलिखित को प्राप्त करने में कितने फैराडे (Faraday) विद्युत की आवश्यकता होगी—
(i) गलित CaCl₂ से 20.0 g Ca
(ii) गलित Al₂O₃ से 40.0 g Al
उत्तर
(i) Ca के लिए आवश्यक विद्युत = 1.0 F
(ii) Al के लिए आवश्यक विद्युत = 4.44 F (लगभग)
व्याख्या
मुख्य सिद्धांत
👉 1 मोल इलेक्ट्रॉन = 1 Faraday (1 F)
👉 पहले धातु के मोल निकालते हैं,
👉 फिर देखते हैं कि 1 मोल धातु बनाने में कितने e⁻ चाहिए।

(i) गलित CaCl₂ से 20.0 g Ca

Step 1: अपचयन अभिक्रिया
Ca²⁺ + 2e⁻ → Ca
अर्थात 1 मोल Ca के लिए = 2 F

Step 2: Ca का द्रव्यमान
Ca का मोलर द्रव्यमान = 40 g mol⁻¹
Ca के मोल = 1 mol
द्रव्यमान = मोल × मोलर द्रव्यमान
द्रव्यमान = 1 mol × 40 g mol⁻¹ = 40 g

Step 3: Unitary method लगाने पर
द्रव्यमान (g) फैराडे (F)
40 2
20 X

क्रोस मल्टीप्लाई करके, x का मान निकालने पर:
📌 \( x = \frac{2F \times 20\ g}{40\ g} = 1\ \mathrm{F} \)

(ii) गलित Al₂O₃ से 40.0 g Al

Step 1: अपचयन अभिक्रिया
Al³⁺ + 3e⁻ → Al
अर्थात 1 मोल Al के लिए = 3 F

Step 2: Al का द्रव्यमान
Al का मोलर द्रव्यमान = 27 g mol⁻¹
Al के मोल = 1 mol
द्रव्यमान = मोल × मोलर द्रव्यमान
द्रव्यमान = 1 mol × 27 g mol⁻¹ = 27 g

Step 3: Unitary method लगाने पर
द्रव्यमान (g) फैराडे (F)
27 3
40 X
क्रोस मल्टीप्लाई करके, x का मान निकालने पर:
📌 \( x = \frac{3F \times 40\ g}{27\ g} = 4.44\ \mathrm{F} \)
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 1 mol e⁻ = 1 Faraday
👉 Ca²⁺ → Ca ⇒ 2 F
👉 Al³⁺ → Al ⇒ 3 F
👉 परीक्षा ट्रिक: use Unitary method
Q.14: निम्नलिखित को ऑक्सीकरण करने के लिए कितने फैराडे (Faraday) विद्युत की आवश्यकता होगी—
(i) 1 मोल H₂O को O₂ में
(ii) 1 मोल FeO को Fe₂O₃ में
उत्तर
(i) 2 F
(ii) 1 F
व्याख्या
मुख्य सिद्धांत
• 1 मोल इलेक्ट्रॉन पर आवेश = 96500 C mol⁻¹ = 1 Faraday (1 F)
• ऑक्सीकरण में जितने मोल इलेक्ट्रॉन निकलते हैं,
उतने ही Faraday विद्युत की आवश्यकता होती है।

(i) 1 मोल H₂O → O₂
ऑक्सीकरण अर्ध-अभिक्रिया (अम्लीय माध्यम में):
2H₂O → O₂ + 4H⁺ + 4e⁻
👉 2 मोल H₂O से 4 मोल e⁻ निकलते हैं
👉 अतः 1 मोल H₂O से 2 मोल e⁻ निकलेंगे
📌 आवश्यक विद्युत = 2 F

(ii) 1 मोल FeO → Fe₂O₃
ऑक्सीकरण अवस्था का परिवर्तन:
👉 FeO में Fe की ऑक्सीकरण अवस्था = +2
👉 Fe₂O₃ में Fe की ऑक्सीकरण अवस्था = +3

अर्थात:
Fe²⁺ → Fe³⁺ + e⁻
👉 1 मोल Fe²⁺ के लिए 1 मोल e⁻ निकलता है
👉 1 मोल FeO में 1 मोल Fe²⁺ होता है
📌 आवश्यक विद्युत = 1 F
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 ऑक्सीकरण = इलेक्ट्रॉनों का त्याग
👉 जितने e⁻ निकले → उतने Faraday
👉 H₂O → O₂ के प्रश्नों में
2H₂O → O₂ + 4H⁺ + 4e⁻ याद रखो
👉 Fe²⁺ → Fe³⁺ हमेशा 1 e⁻ देता है
👉 परीक्षा ट्रिक: Oxidation में e⁻ गिनो → Answer मिल गया
Q.15: Ni(NO₃)₂ के एक विलयन का प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के बीच 5 ऐम्पियर की धारा प्रवाहित करते हुए 20 मिनट तक विद्युत-अपघटन किया गया। कैथोड पर निक्षेपित निकेल (Ni) की मात्रा ज्ञात कीजिए।
उत्तर
📌 कैथोड पर निक्षेपित Ni = 1.83 g (लगभग)
व्याख्या
दिया गया
धारा (I) = 5 A
समय (t) = 20 मिनट = 20 × 60 s = 1200 s
Ni का मोलर द्रव्यमान = 58.7 g mol⁻¹
फैराडे स्थिरांक (F) = 96500 C mol⁻¹

Step 1: कैथोड पर होने वाली अभिक्रिया
Ni²⁺ + 2e⁻ → Ni
अर्थात 1 मोल Ni के निक्षेपण के लिए 2 मोल इलेक्ट्रॉन चाहिए
⇒ 1 मोल Ni = 2 F = 2 × 96500 C mol⁻¹

Step 2: Ni का द्रव्यमान निकालना
Ni का मोलर द्रव्यमान = 58.7 g mol⁻¹
Ni के मोल = 1 mol
द्रव्यमान = मोल X मोलर द्रव्यमान
द्रव्यमान = 1 mol x 58.7 g mol-1 = 58.7 g

Step 3: प्रवाहित कुल आवेश (Q)
सूत्र : आवेश = धारा × समय
Q = I × t
Q = 5 × 1200 = 6000 C

Step 4: Step 4: Unitary method लगाने पर
द्रव्यमान (g) आवेश (C)
58.7 2 × 96500
X 6000

क्रोस मल्टीप्लाई करने पर:

📌 \( x = \frac{58.7\ g \times 6000\ C}{2 \times 96500\ C} = 1.83\ g \)
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 Faraday का नियम: निक्षेपित द्रव्यमान ∝ प्रवाहित आवेश
👉 पहले हमेशा कैथोड अभिक्रिया लिखो
👉 Ni²⁺ → Ni ⇒ 2 e⁻ (यह याद रखो)
👉 समय को सेकंड में बदलना न भूलो
👉 परीक्षा ट्रिक: use Unitary method
Q.16: ZnSO₄, AgNO₃ तथा CuSO₄ विलयन वाले तीन विद्युत-अपघटनी सेल A, B, C को श्रेणीक्रम (series) में जोड़ा गया। 1.5 A की विद्युत-धारा प्रवाहित की गई और सेल B के कैथोड पर 1.45 g सिल्वर (Ag) निक्षेपित हुई।
(i) विद्युत-धारा कितने समय तक प्रवाहित हुई?
(ii) निक्षेपित कॉपर (Cu) तथा जिंक (Zn) का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
उत्तर
📌 विद्युत-धारा का समय = 863.7 s ≈ 14 min 24 s
📌 निक्षेपित Cu का द्रव्यमान = 0.426 g (लगभग)
📌 निक्षेपित Zn का द्रव्यमान = 0.44 g (लगभग)
व्याख्या
मुख्य सिद्धांत (Faraday का नियम)
👉 श्रेणीक्रम (series) में जुड़े सभी सेलों में, समान आवेश (Q) प्रवाहित होता है।
👉 1 Faraday (1 F) = 96500 C
👉 पहले Ag से आवेश और समय निकालते हैं, फिर उसी आवेश से Cu और Zn का द्रव्यमान।

Step 1: सिल्वर (Ag) से समय निकालना
कैथोड अभिक्रिया (AgNO₃):
Ag⁺ + e⁻ → Ag
👉 1 mol Ag (108 g) के लिए = 1 F = 96500 C

Unitary Method
द्रव्यमान (g) आवेश (C)
108 96500
1.45 X

क्रोस मल्टीप्लाई करने पर:
📌 \( x = \frac{96500 \times 1.45}{108} = 1295.6\ \mathrm{C} \)

अब,
Q = I × t
📌 \( t = \frac{1295.6}{1.5} = 863.7\ \mathrm{s} \approx 14\ \mathrm{min}\ 24\ \mathrm{s} \)

Step 2: निक्षेपित कॉपर (Cu) का द्रव्यमान
कैथोड अभिक्रिया (CuSO₄):
Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu
👉 1 mol Cu (63.5 g) के लिए = 2 F = 2 × 96500 C

Unitary Method
द्रव्यमान (g) आवेश (C)
63.5 2 × 96500
X 1295.6

📌 \( x = \frac{63.5 \times 1295.6}{2 \times 96500} = 0.426\ \mathrm{g} \)

Step 3: निक्षेपित जिंक (Zn) का द्रव्यमान
कैथोड अभिक्रिया (ZnSO₄):
Zn²⁺ + 2e⁻ → Zn
👉 1 mol Zn (65.4 g) के लिए = 2 F = 2 × 96500 C

Unitary Method
द्रव्यमान (g) आवेश (C)
65.4 2 × 96500
X 1295.6

📌 \( x = \frac{65.4 \times 1295.6}{2 \times 96500} = 0.44\ \mathrm{g} \)
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 Series में जुड़े सेलों में आवेश (Q) समान होता है
👉 पहले जिस धातु का द्रव्यमान दिया हो (यहाँ Ag), उसी से Q और समय निकालो
👉 फिर उसी Q से बाकी धातुओं का द्रव्यमान निकालो
👉 Ag⁺ → Ag ⇒ 1 F
👉 Cu²⁺, Zn²⁺ → धातु ⇒ 2 F
👉 परीक्षा ट्रिक: Unitary method = सबसे safe और fast तरीका
Q.17 तालिका 2.1 में दिए गए मानक इलेक्ट्रोड विभवों की सहायता से यह निर्धारित कीजिए कि निम्नलिखित अभिकारकों के बीच अभिक्रिया संभव है या नहीं—
(i) Fe³⁺(aq) और I⁻(aq)
(ii) Ag⁺(aq) और Cu(s)
(iii) Fe³⁺(aq) और Br⁻(aq)
(iv) Ag(s) और Fe³⁺(aq)
(v) Br₂(aq) और Fe²⁺(aq)
उत्तर
(i) अभिक्रिया संभव है
(ii) अभिक्रिया संभव है
(iii) अभिक्रिया संभव नहीं है
(iv) अभिक्रिया संभव नहीं है
(v) अभिक्रिया संभव है
व्याख्या
निर्णय का नियम (Exam rule)
👉 जिस युग्म का मानक अपचयन विभव (E°) अधिक होता है, वह अपचयन करेगा
👉 जिसका E° कम होता है, वह ऑक्सीकरण करेगा
👉 कोई भी रेडॉक्स अभिक्रिया तभी संभव होती है जब E°cell धनात्मक हो
\( E_{\mathrm{cell}}^{\circ} = E_{\text{कैथोड}}^{\circ} - E_{\text{एनोड}}^{\circ} \)

प्रयुक्त मानक अपचयन विभव (तालिका 2.1 से)
👉 Fe³⁺/Fe²⁺ = +0.77 V
👉 I₂/I⁻ = +0.54 V
👉 Ag⁺/Ag = +0.80 V
👉 Cu²⁺/Cu = +0.34 V
👉 Br₂/Br⁻ = +1.09 V

(i) Fe³⁺(aq) और I⁻(aq)
अभिक्रिया: Fe³⁺ + I⁻ → Fe²⁺ + ½ I₂
सेल निरूपण: Pt | I₂ | I⁻ || Fe³⁺ | Fe²⁺
\( E_{\mathrm{cell}}^{\circ} = 0.77 - 0.54 = +0.23\ V \)
✔ E°cell धनात्मक ⇒ अभिक्रिया संभव

(ii) Ag⁺(aq) और Cu(s)
अभिक्रिया: Cu + Ag⁺ → Cu²⁺ + Ag
सेल निरूपण: Cu | Cu²⁺ || Ag⁺ | Ag
\( E_{\mathrm{cell}}^{\circ} = 0.80 - 0.34 = +0.46\ V \)
✔ E°cell धनात्मक ⇒ अभिक्रिया संभव

(iii) Fe³⁺(aq) और Br⁻(aq)
अभिक्रिया: Br⁻ + Fe³⁺ → ½ Br₂ + Fe²⁺
सेल निरूपण: Br⁻ | ½ Br₂ || Fe³⁺ | Fe²⁺
\( E_{\mathrm{cell}}^{\circ} = 0.77 - 1.09 = -0.32\ V \)
✘ E°cell ऋणात्मक ⇒ अभिक्रिया संभव नहीं

(iv) Ag(s) और Fe³⁺(aq)
अभिक्रिया: Ag + Fe³⁺ → Ag⁺ + Fe²⁺
सेल निरूपण: Ag | Ag⁺ || Fe³⁺ | Fe²⁺
\( E_{\mathrm{cell}}^{\circ} = 0.77 - 0.80 = -0.03\ V \)
✘ E°cell ऋणात्मक ⇒ अभिक्रिया संभव नहीं

(v) Br₂(aq) और Fe²⁺(aq)
अभिक्रिया: Fe²⁺ + ½ Br₂ → Fe³⁺ + Br⁻
सेल निरूपण: Fe²⁺ | Fe³⁺ || ½ Br₂ | Br⁻
\( E_{\mathrm{cell}}^{\circ} = 1.09 - 0.77 = +0.31\ V \)
✔ E°cell धनात्मक ⇒ अभिक्रिया संभव
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 E°cell > 0 ⇒ अभिक्रिया होगी
👉 E°cell < 0 ⇒ अभिक्रिया नहीं होगी
👉 अधिक धनात्मक E° वाला युग्म हमेशा अपचयित होता है
👉 परीक्षा ट्रिक: Positive E°cell = Possible reaction
Q.18 निम्नलिखित प्रत्येक के लिए विद्युत-अपघटन से प्राप्त उत्पाद बताइए—
(i) सिल्वर इलेक्ट्रोडों के साथ AgNO₃ का जलीय विलयन
(ii) प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के साथ AgNO₃ का जलीय विलयन
(iii) प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के साथ H₂SO₄ का तनु विलयन
(iv) प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के साथ CuCl₂ का जलीय विलयन
उत्तर
(i) AgNO₃ (aq) + सिल्वर इलेक्ट्रोड
👉 कैथोड पर: Ag(s)
👉 ऐनोड पर: Ag⁺(aq)

(ii) AgNO₃ (aq) + प्लैटिनम इलेक्ट्रोड
👉 कैथोड पर: Ag(s)
👉 ऐनोड पर: O₂(g)

(iii) H₂SO₄ (तनु) + प्लैटिनम इलेक्ट्रोड
👉 कैथोड पर: H₂(g)
👉 ऐनोड पर: O₂(g)

(iv) CuCl₂ (aq) + प्लैटिनम इलेक्ट्रोड
👉 कैथोड पर: Cu(s)
👉 ऐनोड पर: Cl₂(g)
व्याख्या
(i) AgNO₃ (aq) + सिल्वर इलेक्ट्रोड
विलयन में आयनीकरण:
AgNO₃(aq) → Ag⁺(aq) + NO₃⁻(aq)
H₂O(l) ⇌ H⁺(aq) + OH⁻(aq)

कैथोड पर (अपचयन):
Ag⁺/Ag का मानक अपचयन विभव (+0.80 V) जल के अपचयन विभव (−0.83 V) से अधिक होता है।
अतः Ag⁺ आयन अपचयित होता है:
Ag⁺(aq) + e⁻ → Ag(s)

ऐनोड पर (ऑक्सीकरण):
सिल्वर इलेक्ट्रोड सक्रिय होता है, अतः वह स्वयं ऑक्सीकृत हो जाता है:
Ag(s) → Ag⁺(aq) + e⁻
👉 इसलिए ऐनोड पर O₂ गैस मुक्त नहीं होती।

(ii) AgNO₃ (aq) + प्लैटिनम इलेक्ट्रोड
प्लैटिनम इलेक्ट्रोड निष्क्रिय होता है।

कैथोड पर:
Ag⁺(aq) + e⁻ → Ag(s)

ऐनोड पर:
जल का ऑक्सीकरण होता है:
H₂O(l) → ½O₂(g) + 2H⁺(aq) + 2e⁻
👉 ऐनोड पर O₂ गैस मुक्त होती है।

(iii) तनु H₂SO₄ (aq) + प्लैटिनम इलेक्ट्रोड
विलयन में आयनीकरण:
H₂SO₄(aq) → 2H⁺(aq) + SO₄²⁻(aq)

कैथोड पर:
2H⁺(aq) + 2e⁻ → H₂(g)

ऐनोड पर:
2H₂O(l) → O₂(g) + 4H⁺(aq) + 4e⁻
👉 कैथोड पर H₂ तथा ऐनोड पर O₂ गैस प्राप्त होती है।

(iv) CuCl₂ (aq) + प्लैटिनम इलेक्ट्रोड
विलयन में आयनीकरण:
CuCl₂(aq) → Cu²⁺(aq) + 2Cl⁻(aq)

कैथोड पर:
Cu²⁺/Cu का मानक अपचयन विभव (+0.34 V) जल के अपचयन विभव (−0.83 V) से अधिक होता है।
अतः Cu²⁺ आयन अपचयित होता है:
Cu²⁺(aq) + 2e⁻ → Cu(s)

ऐनोड पर:
यद्यपि जल का ऑक्सीकरण विभव कम है, लेकिन O₂ के लिए overpotential अधिक होने तथा Cl⁻ आयनों की अधिक सांद्रता के कारण व्यवहार में:
2Cl⁻(aq) → Cl₂(g) + 2e⁻
👉 ऐनोड पर Cl₂ गैस मुक्त होती है।
Did You Know (Important Point / Trick)
👉 Cathode पर हमेशा अपचयन, Anode पर ऑक्सीकरण
👉 Active electrode (Ag) खुद ऑक्सीकृत हो सकता है
👉 Inert electrode (Pt) पर प्रायः जल का अपघटन होता है
👉 Ag⁺ और Cu²⁺ जैसे आयन जल से पहले discharge होते हैं
👉 परीक्षा ट्रिक: Higher reduction potential → पहले discharge

Chapter 2 Electrochemistry क्यों है ज़रूरी?

Electrochemistry से जुड़े प्रश्न CBSE Board Exams, school tests और competitive exams में नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इस chapter में numerical problems के साथ-साथ theory-based questions भी आते हैं, जिनमें सही concept clarity बहुत जरूरी होती है।

इस chapter में मुख्य रूप से पढ़ाया जाता है:

  • Electrochemical cells
  • Galvanic और Electrolytic cells
  • Electrode potential और EMF of cell
  • Nernst equation
  • Conductance और Molar conductivity
  • Electrolysis
  • Batteries और corrosion

NCERT Solutions Class 12 Chemistry Electrochemistry in Hindi की खास बातें

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Chapter 2 Electrochemistry NCERT Solutions (Hindi) – PDF और Online Access

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