Chemical Kinetics – अध्याय का परिचय

Chemical Kinetics अध्याय में यह अध्ययन किया जाता है कि कोई रासायनिक अभिक्रिया कितनी तेजी से होती है और उसकी गति किन कारकों पर निर्भर करती है। इसमें अभिक्रिया की दर, दर स्थिरांक, अभिक्रिया की कोटि, अर्धायु काल तथा तापमान के प्रभाव को सरल भाषा में समझाया गया है।

यह अध्याय बोर्ड परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें संख्यात्मक प्रश्न अधिक पूछे जाते हैं। सही सूत्रों और Concepts को समझकर अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।

यहाँ दिए गए NCERT Solutions नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित हैं और सभी प्रश्नों के उत्तर आसान व स्पष्ट हिंदी मे Step by Step रूप से समझाए गए हैं, जिससे हिंदी माध्यम के छात्रों को कोई कठिनाई न हो।

NCERT Solution – Mass Percentage
Q.1: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के वेग व्यंजकों से उनकी अभिक्रिया कोटि (Order of Reaction) तथा वेग स्थिरांक की इकाइयाँ (Unit of Rate Constant) ज्ञात कीजिए।

(1) 3NO (g) → N₂O (g)    वेग = k[NO]²
(2) H₂O₂ (aq) + 3I⁻ (aq) + 2H⁺ → 2H₂O (l) + I₃⁻    वेग = k[H₂O₂][I⁻]
(3) CH₃CHO (g) → CH₄ (g) + CO (g)    वेग = k[CH₃CHO]³ᐟ²
(4) C₂H₅Cl (g) → C₂H₄ (g) + HCl (g)    वेग = k[C₂H₅Cl]
उत्तर
(1) 3NO(g) → N₂O(g)
अभिक्रिया कोटि = 2 (द्वितीय कोटि)
वेग स्थिरांक की इकाई = L mol⁻¹ s⁻¹

(2) H₂O₂(aq) + 3I⁻(aq) + 2H⁺ → 2H₂O(l) + I₃⁻
अभिक्रिया कोटि = 2 (द्वितीय कोटि)
वेग स्थिरांक की इकाई = L mol⁻¹ s⁻¹

(3) CH₃CHO(g) → CH₄(g) + CO(g)
अभिक्रिया कोटि = 3/2
वेग स्थिरांक की इकाई = L¹ᐟ² mol⁻¹ᐟ² s⁻¹

(4) C₂H₅Cl(g) → C₂H₄(g) + HCl(g)
अभिक्रिया कोटि = 1 (प्रथम कोटि)
वेग स्थिरांक की इकाई = s⁻¹
व्याख्या
👉 अभिक्रिया कोटि वेग व्यंजक में उपस्थित सभी अभिकारकों की घातों (powers) का योग होती है।

👉 (1) वेग = k[NO]²
NO की घात = 2
इसलिए अभिक्रिया कोटि = 2

👉 (2) वेग = k[H₂O₂][I⁻]
घातों का योग = 1 + 1 = 2

👉 (3) वेग = k[CH₃CHO]³ᐟ²
केवल एक अभिकारक है जिसकी घात 3/2 है
इसलिए अभिक्रिया कोटि = 3/2

👉 (4) वेग = k[C₂H₅Cl]
घात = 1
इसलिए यह प्रथम कोटि अभिक्रिया है

👉 वेग स्थिरांक की इकाई निकालने के लिए सूत्र:
k = Rate / (Concentration)ⁿ
जहाँ n = अभिक्रिया कोटि
क्या आप जानते हैं?
👉 प्रथम कोटि अभिक्रिया → k की इकाई हमेशा s⁻¹
👉 द्वितीय कोटि अभिक्रिया → k की इकाई L mol⁻¹ s⁻¹
👉 भिन्नात्मक कोटि (जैसे 3/2) संभव है और यह प्रायोगिक रूप से निर्धारित होती है
👉 परीक्षा ट्रिक:
Order = घातों का योग
Unit of k = Rate ÷ (Concentration)ᵒʳᵈᵉʳ
Q.6: किसी अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता
(i) दुगुनी कर दी जाए
(ii) आधी कर दी जाए?
उत्तर
👉 (i) अभिक्रियक की सांद्रता दुगुनी करने पर अभिक्रिया का वेग 4 गुना हो जाएगा।

👉 (ii) अभिक्रियक की सांद्रता आधी करने पर अभिक्रिया का वेग 1/4 गुना रह जाएगा।
व्याख्या
👉 द्वितीय कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग नियम होता है:
वेग ∝ (सांद्रता)²

👉 (i) जब सांद्रता दुगुनी की जाती है
सांद्रता = 2C
वेग ∝ (2C)² = 4C²
अर्थात् अभिक्रिया का वेग चार गुना बढ़ जाता है

👉 (ii) जब सांद्रता आधी की जाती है
सांद्रता = C/2
वेग ∝ (C/2)² = C²/4
अर्थात् अभिक्रिया का वेग चार गुना घट जाता है
क्या आप जानते हैं?
👉 द्वितीय कोटि की अभिक्रिया में वेग ∝ (सांद्रता)²
👉 सांद्रता ×2 → वेग ×4
👉 सांद्रता ×1/2 → वेग ×1/4
👉 Exam Trick: घात 2 दिखे → square लगा दो → answer तुरंत मिलेगा
Q.7: वेग स्थिरांक पर ताप का क्या प्रभाव पड़ता है? ताप के इस प्रभाव को मात्रात्मक रूप में कैसे प्रदर्शित कर सकते हैं?
उत्तर
👉 अभिक्रिया का वेग स्थिरांक ताप बढ़ाने पर सदैव बढ़ता है। सामान्यतः ताप में 10°C की वृद्धि करने पर वेग स्थिरांक का मान लगभग दोगुना हो जाता है।

👉 ताप के प्रभाव को मात्रात्मक रूप में Arrhenius समीकरण द्वारा व्यक्त किया जाता है:

k = A e−Ea/RT

जहाँ
k = ताप T पर वेग स्थिरांक
A = आवृत्ति गुणांक
Ea = सक्रियण ऊर्जा
व्याख्या
👉 ताप का प्रभाव
ताप बढ़ाने से अभिकारक अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है।
अधिक अणु सक्रियण ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं, जिससे प्रभावकारी टक्करों की संख्या बढ़ती है।
इस कारण वेग स्थिरांक (k) का मान बढ़ जाता है।

👉 मात्रात्मक निरूपण (Quantitative Expression)
ताप और वेग स्थिरांक के बीच संबंध Arrhenius समीकरण से दिया जाता है:

k = A e−Ea/RT

जहाँ
k = वेग स्थिरांक
A = आवृत्ति गुणांक
Ea = सक्रियण ऊर्जा
R = गैस नियतांक
T = परम ताप

👉 ताप बढ़ाने पर Ea/RT का मान घटता है, जिससे k का मान तेजी से बढ़ता है।

👉 इससे स्पष्ट होता है कि ताप में थोड़ी-सी वृद्धि भी वेग स्थिरांक में बड़ी वृद्धि कर सकती है।
क्या आप जानते हैं?
👉 ताप बढ़ाना → अधिक सक्रिय अणु
👉 अधिक सक्रिय अणु → बड़ा वेग स्थिरांक (k)
👉 Exam Trick:
अगर Arrhenius समीकरण दिखे, तो सवाल ताप और वेग स्थिरांक के संबंध पर ही है
Q.8: एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित आँकड़े प्राप्त हुए हैं। 30 s से 60 s के समय अंतराल में औसत वेग की गणना कीजिए।
समय (t / s) 0 30 60 90
[A] (mol L⁻¹) 0.55 0.31 0.17 0.085

उत्तर
👉 30 s से 60 s के बीच अभिक्रिया का औसत वेग =
4.7 × 10⁻³ mol L⁻¹ s⁻¹
व्याख्या
👉 औसत वेग का सूत्र:
औसत वेग = − Δ[A] / Δt

👉 30 s पर सांद्रता, [A]₁ = 0.31 mol L⁻¹
👉 60 s पर सांद्रता, [A]₂ = 0.17 mol L⁻¹

👉 सांद्रता में परिवर्तन:
Δ[A] = 0.17 − 0.31 = −0.14 mol L⁻¹

👉 समय अंतराल:
Δt = 60 − 30 = 30 s

👉 औसत वेग:
= 0.14 mol L−1 / 30 s

👉 औसत वेग = 4.7 × 10⁻³ mol L⁻¹ s⁻¹
क्या आप जानते हैं?
👉 औसत वेग हमेशा दो समयों के बीच निकाला जाता है
👉 ऋणात्मक चिन्ह यह दर्शाता है कि सांद्रता घट रही है
👉 Exam Trick:
पहले Δ[A] निकालो → फिर Δt से भाग दो → ऋण चिन्ह हटा दो
Q.9: एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम कोटि तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है।
(i) वेग समीकरण लिखिए।
(ii) B की सांद्रता तीन गुनी करने से वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(iii) A तथा B दोनों की सांद्रता दुगुनी करने से वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर
👉 (i) वेग समीकरण:
वेग = k [A][B]²

👉 (ii) B की सांद्रता तीन गुनी करने पर अभिक्रिया का वेग 9 गुना हो जाएगा।

👉 (iii) A तथा B दोनों की सांद्रता दुगुनी करने पर अभिक्रिया का वेग 8 गुना हो जाएगा।
व्याख्या
👉 दी गई अभिक्रिया में:
A के प्रति कोटि = 1
B के प्रति कोटि = 2

👉 इसलिए वेग समीकरण होगा:
वेग ∝ [A]¹ [B]²

👉 (ii) जब B की सांद्रता तीन गुनी की जाती है
[B] → 3[B]
वेग ∝ (3[B])² = 9[B]²
अर्थात् अभिक्रिया का वेग 9 गुना बढ़ जाता है

👉 (iii) जब A और B दोनों की सांद्रता दुगुनी की जाती है
[A] → 2[A]
[B] → 2[B]
वेग ∝ 2[A] × (2[B])²
वेग ∝ 2 × 4 = 8
अर्थात् अभिक्रिया का वेग 8 गुना बढ़ जाता है
क्या आप जानते हैं?
👉 कुल कोटि = A की कोटि + B की कोटि = 1 + 2 = 3
👉 जिस पदार्थ की घात अधिक होती है, उसका प्रभाव वेग पर अधिक होता है
👉 Exam Trick:
पहले वेग समीकरण लिखो → फिर सांद्रता का गुणा लगाओ → उत्तर तुरंत मिलेगा
Q.10: A और B के बीच अभिक्रिया में A तथा B की विभिन्न प्रारम्भिक सांद्रताओं के लिए प्रारम्भिक वेग (r₀) नीचे दिए गए हैं। A तथा B के प्रति अभिक्रिया की कोटि ज्ञात कीजिए।
A (mol L⁻¹) 0.20 0.20 0.40
B (mol L⁻¹) 0.30 0.10 0.05
r₀ (mol L⁻¹ s⁻¹) 5.07 × 10⁻⁵ 5.07 × 10⁻⁵ 1.43 × 10⁻⁴

उत्तर
👉 A के प्रति अभिक्रिया की कोटि = 1.5
👉 B के प्रति अभिक्रिया की कोटि = 0
व्याख्या
माना अभिक्रिया का वेग नियम है:
वेग = k [A]p [B]q

प्रयोग (i): 5.07 × 10⁻⁵ = k (0.20)p (0.30)q
प्रयोग (ii): 5.07 × 10⁻⁵ = k (0.20)p (0.10)q

प्रयोग (i) और (ii) को भाग देने पर:
$$ \frac{5.07 \times 10^{-5}}{5.07 \times 10^{-5}} = \frac{k(0.20)^p(0.30)^q}{k(0.20)^p(0.10)^q} $$ $$ 1 = (3)^q $$ 👉 अतः n = 0

अब प्रयोग (ii) और (iii) लेते हैं:
प्रयोग (iii): 1.43 × 10⁻⁴ = k (0.40)p (0.05)q

प्रयोग (ii) और (iii) को भाग देने पर:
$$ \frac{5.07 \times 10^{-5}}{1.43 \times 10^{-4}} = \frac{k(0.20)^p(0.30)^0}{k(0.20)^p(0.10)^0} $$ चूँकि q = 0, इसलिए B का प्रभाव समाप्त हो जाएगा।

$$ \frac{5.07 \times 10^{-5}}{1.43 \times 10^{-4}} = \frac{k(0.20)^p}{k(0.20)^p} $$ $$ 0.35 = \left(\frac{1}{2}\right)^p $$ 👉 अतः p = 1.5 = 0
क्या आप जानते हैं?
👉 यदि किसी पदार्थ की सांद्रता बदलने पर वेग न बदले, तो उसकी कोटि 0 होती है
👉 पहले वेग समान वाले प्रयोग ढूँढो → zero order तुरंत मिल जाता है
👉 Shortcut: Same rate + changed concentration = zero order
Q.11: 2A + B → C + D अभिक्रिया के बलगतिक (kinetic) अध्ययन से निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए हैं। अभिक्रिया के लिए वेग नियम तथा वेग स्थिरांक (k) ज्ञात कीजिए।
प्रयोग [A] (mol L⁻¹) [B] (mol L⁻¹) D के बनने का प्रारम्भिक वेग
(mol L⁻¹ min⁻¹)
I 0.1 0.1 6.0 × 10⁻³
II 0.3 0.2 7.2 × 10⁻²
III 0.3 0.4 2.88 × 10⁻¹
IV 0.4 0.1 2.40 × 10⁻²

उत्तर
👉 वेग नियम: \( \text{वेग} = k[A][B]^2 \)
👉 वेग स्थिरांक (k) का मान: \( k = 6 \, \text{mol}^{-2} \, L^{2} \, \text{min}^{-1} \)
व्याख्या
👉 माना सामान्य वेग नियम:
\( \text{वेग} = k[A]^p[B]^q \)

👉 B की कोटि ज्ञात करने के लिए (प्रयोग II और III)
• [A] समान है (0.3 mol L⁻¹)
• [B] दुगुनी की गई: 0.2 → 0.4
• वेग: 7.2 × 10⁻² → 2.88 × 10⁻¹ (4 गुना)

👉 जब सांद्रता दुगुनी करने पर वेग 4 गुना हो जाए, तो कोटि = 2
👉 अतः q = 2

👉 A की कोटि ज्ञात करने के लिए (प्रयोग I और IV)
• [B] समान है (0.1 mol L⁻¹)
• [A] 4 गुना की गई: 0.1 → 0.4
• वेग: 6.0 × 10⁻³ → 2.40 × 10⁻² (4 गुना)

👉 जब सांद्रता 4 गुनी करने पर वेग 4 गुना हो, तो कोटि = 1
👉 अतः p = 1

👉 वेग नियम बनता है:
वेग \( = k[A][B]^2 \)
अभिक्रिया की कुल कोटि = 1 + 2 = 3

👉 वेग स्थिरांक (k) की गणना (प्रयोग I से):
\( k = \frac{\text{वेग}}{[A][B]^2} \)

\( k = \frac{6.0 \times 10^{-3}}{(0.1)(0.1)^2} \)

\( k = 6 \, L^2 \, \text{mol}^{-2} \, \text{min}^{-1} \)
क्या आप जानते हैं?
👉 पहले वही प्रयोग चुनो जहाँ एक ही पदार्थ बदला गया हो
👉 दुगुनी सांद्रता → 4 गुना वेग ⇒ द्वितीय कोटि
👉 Exam Shortcut:
पहले कोटि निकालो → अंत में किसी एक प्रयोग से k निकाल लो
Q.13: नीचे दी गई प्रथम कोटि की अभिक्रियाओं के लिए अर्धायु (half-life) की गणना कीजिए:
(i) k = 200 s⁻¹
(ii) k = 2 min⁻¹
(iii) k = 4 year⁻¹
उत्तर
👉 (i) अर्धायु = 3.47 × 10⁻³ s
👉 (ii) अर्धायु = 0.347 min
👉 (iii) अर्धायु = 0.173 year
व्याख्या
👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए अर्धायु का सूत्र होता है:
\( t_{1/2} = \frac{0.693}{k} \)

👉 (i) जब \( k = 200 \, s^{-1} \)
\( t_{1/2} = \frac{0.693}{200} \)
\( t_{1/2} = 3.47 \times 10^{-3} \, s \)

👉 (ii) जब \( k = 2 \, min^{-1} \)
\( t_{1/2} = \frac{0.693}{2} \)
\( t_{1/2} = 0.347 \, min \)

👉 (iii) जब \( k = 4 \, year^{-1} \)
\( t_{1/2} = \frac{0.693}{4} \)
\( t_{1/2} = 0.173 \, year \)
क्या आप जानते हैं?
👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया में अर्धायु केवल k पर निर्भर करती है
👉 k जितना बड़ा → अर्धायु उतनी छोटी
👉 Exam Trick: 0.693 को याद रखो, बस k से भाग कर दो
Q.14: ¹⁴C की रेडियोधर्मी क्षय की अर्धायु 5730 वर्ष है। एक पुरातात्विक कलाकृति की लकड़ी में, जीवित वृक्ष की लकड़ी की तुलना में ¹⁴C की मात्रा 80% है। नमूने की आयु का परिकलन कीजिए।
उत्तर
👉 नमूने की आयु = 1845 वर्ष
व्याख्या
👉 ¹⁴C का क्षय प्रथम कोटि का होता है।
प्रथम कोटि के लिए वेग स्थिरांक:
\( k = \frac{0.693}{t_{1/2}} \)

👉 दी गई अर्धायु:
\( t_{1/2} = 5730 \, \text{वर्ष} \)

\( k = \frac{0.693}{5730} \)

👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए समय का सूत्र:
\( t = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{a}{a - x} \right) \)

👉 यहाँ:
\( a = \) प्रारम्भिक ¹⁴C मात्रा = 100
\( (a - x) = \) शेष ¹⁴C मात्रा = 80

👉 मान रखने पर:
\( t = \frac{2.303 \times 5730}{0.693} \log \left( \frac{100}{80} \right) \)

👉 \( \log(100/80) = \log(1.25) \)

👉 गणना करने पर:
\( t = 1845 \, \text{वर्ष} \)
क्या आप जानते हैं?
👉 रेडियोधर्मी क्षय हमेशा प्रथम कोटि का होता है
👉 ¹⁴C dating में अर्धायु = 5730 वर्ष हमेशा याद रखें
👉 Exam Trick:
पहले k निकालो → फिर log वाला formula लगाओ → age सीधे मिल जाएगी
Q.16: प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक 60 s⁻¹ है। अभिक्रियक को अपनी प्रारम्भिक सांद्रता के 1/16 भाग तक पहुँचने में कितना समय लगेगा?
उत्तर
👉 आवश्यक समय = 0.046 s
व्याख्या
👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए समय का सूत्र:
\( t = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{a}{a - x} \right) \)

👉 यहाँ अभिक्रियक की शेष मात्रा = \( a/16 \)
अर्थात्
\( \frac{a}{a - x} = 16 \)

👉 दिए गए मान:
\( k = 60 \, s^{-1} \)

👉 मान रखने पर:
\( t = \frac{2.303}{60} \log(16) \)

👉 \( \log 16 = 1.204 \)

👉 गणना करने पर:
\( t = 0.046 \, s \)
क्या आप जानते हैं?
👉 प्रथम कोटि में हर half-life पर मात्रा आधी होती है
👉 1/16 = (1/2)⁴ ⇒ 4 half-life
👉 Shortcut:
t = n × t₁/₂
जहाँ n = 4 और \( t_{1/2} = \frac{0.693}{60} \, s \)
Q.17: एक रेडियोधर्मी समस्थानिक ⁹⁰Sr की अर्धायु 28.1 वर्ष है। यदि कैल्सियम के स्थान पर 1 μg ⁹⁰Sr नवजात शिशु की अस्थियों में अवशोषित हो जाए और उपापचय (metabolism) से क्षय न हो, तो 10 वर्ष तथा 60 वर्ष पश्चात इसकी कितनी मात्रा शेष रहेगी?
उत्तर
👉 10 वर्ष बाद शेष मात्रा = 0.7814 μg
👉 60 वर्ष बाद शेष मात्रा = 0.2278 μg
व्याख्या
👉 रेडियोधर्मी क्षय प्रथम कोटि का होता है।

👉 दी गई अर्धायु:
\( t_{1/2} = 28.1 \, \text{वर्ष} \)

👉 वेग स्थिरांक:
\( k = \frac{0.693}{28.1} \, \text{वर्ष}^{-1} \)

👉 प्रथम कोटि के लिए समय का सूत्र:
\( t = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{a}{a - x} \right) \)

जहाँ
\( a = \) प्रारम्भिक मात्रा = 1 μg
\( (a - x) = \) शेष मात्रा

(i) 10 वर्ष बाद
\( 10 = \frac{2.303 \times 28.1}{0.693} \log \left( \frac{1}{a - x} \right) \)

👉 गणना करने पर:
\( (a - x) = 0.7814 \, \mu g \)

(ii) 60 वर्ष बाद
\( 60 = \frac{2.303 \times 28.1}{0.693} \log \left( \frac{1}{a - x} \right) \)

👉 गणना करने पर:
\( (a - x) = 0.2278 \, \mu g \)
क्या आप जानते हैं?
👉 सभी रेडियोधर्मी क्षय प्रथम कोटि के होते हैं
👉 अर्धायु से पहले k निकालना सबसे आसान तरीका है
👉 Exam Trick:
पहले t₁/₂ → k → फिर log वाला formula लगाओ
👉 समय बढ़ने पर शेष मात्रा तेजी से घटती है
Q.18: सिद्ध कीजिए कि प्रथम कोटि की अभिक्रिया में 99% अभिक्रिया पूर्ण होने में लगा समय, 90% अभिक्रिया पूर्ण होने में लगे समय का दुगुना होता है।
उत्तर
👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया में
99% अभिक्रिया के लिए समय = 2 × (90% अभिक्रिया का समय)
व्याख्या
👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए समय का सूत्र होता है:
\( t = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{a}{a - x} \right) \)

(i) 90% अभिक्रिया के लिए
👉 90% अभिक्रिया का अर्थ है कि 10% अभिकारक शेष है।
अतः \( a = 100 \)
\( (a - x) = 100 - 90 = 10 \)

\( t_{90} = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{a}{a - x} \right) \)
\( t_{90} = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{100}{10} \right) \)
\( t_{90} = \frac{2.303}{k} \log 10 \)
\( t_{90} = \frac{2.303}{k} \)

(ii) 99% अभिक्रिया के लिए
👉 99% अभिक्रिया का अर्थ है कि 1% अभिकारक शेष है।
अतः \( a = 100 \)
\( (a - x) = 100 - 99 = 1 \)

\( t_{99} = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{a}{a - x} \right) \)
\( t_{99} = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{100}{1} \right) \)
\( t_{99} = \frac{2.303}{k} \log 100 \)
\( t_{99} = \frac{2.303}{k} \times 2 \)

तुलना (Comparison)
\( \frac{t_{99}}{t_{90}} = \frac{2.303}{k} \times 2 \times \frac{k}{2.303} \)
\( \frac{t_{99}}{t_{90}} = 2 \)

👉 अतः सिद्ध हुआ कि 99% अभिक्रिया के लिए लगा समय, 90% अभिक्रिया के समय का दुगुना होता है।
क्या आप जानते हैं?
👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया में पूर्णता के पास समय बहुत तेज़ी से बढ़ता है
👉 90% → log 10
👉 99% → log 100
👉 Exam Trick:
log 100 = 2 log 10 ⇒ समय भी दुगुना हो जाता है
Q.19: एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया में 30% वियोजन होने में 40 मिनट लगते हैं। अर्धायु (t₁/₂) की गणना कीजिए।
उत्तर
👉 अर्धायु (t₁/₂) = 77.7 मिनट
व्याख्या
👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए समय का सूत्र होता है:
\( t = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{a}{a - x} \right) \)

👉 30% वियोजन का अर्थ है कि 70% अभिकारक शेष है।
\( a = 100 \)
\( (a - x) = 100 - 30 = 70 \)

👉 दिए गए मान:
t = 40 मिनट

\( 40 = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{100}{70} \right) \)
\( 40 = \frac{2.303}{k} \log \left( \frac{10}{7} \right) \)

👉 log value को हल करने पर:
\( \log \left( \frac{10}{7} \right) = \log 10 - \log 7 \)
\( \log 10 = 1,\ \log 7 = 0.845 \)
\( \log \left( \frac{10}{7} \right) = 1 - 0.845 = 0.155 \)

अब –
\( 40 = \frac{2.303 \times 0.155}{k} \)
\( k = \frac{2.303 \times 0.155}{40} \)
\( k = 0.00892 \, \text{min}^{-1} \)

👉 अब अर्धायु का सूत्र लगाते हैं:
\( t_{1/2} = \frac{0.693}{k} \)
\( t_{1/2} = \frac{0.693}{0.00892 \, \text{min}^{-1}} \)
\( t_{1/2} = 77.7 \, \text{मिनट} \)
क्या आप जानते हैं?
👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया में अर्धायु केवल k पर निर्भर करती है
👉 प्रतिशत वियोजन दिया हो तो पहले शेष अंश निकालो
👉 Exam Trick:
पहले k निकालो → फिर \( t_{1/2} = \frac{0.693}{k} \) लगाओ
Q.23: 546 K ताप पर हाइड्रोकार्बन के अपघटन में वेग स्थिरांक k = 2.418 × 10⁻⁵ s⁻¹ है। यदि सक्रियण ऊर्जा Ea = 179.9 kJ mol⁻¹ हो, तो पूर्व-घातांकीय गुणांक (A) का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर
👉 पूर्व-घातांकीय गुणांक (A) = 3.9 × 10¹² s⁻¹
व्याख्या
👉 Arrhenius समीकरण का logarithmic रूप:
\( \log k = \log A - \frac{E_a}{2.303 \, R T} \)

👉 दिए गए मान:
\( k = 2.418 \times 10^{-5} \, s^{-1} \)
\( E_a = 179.9 \, \text{kJ mol}^{-1} \)
\( R = 8.314 \times 10^{-3} \, \text{kJ K}^{-1} \text{mol}^{-1} \)
\( T = 546 \, K \)

👉 समीकरण को log A के लिए लिखते हैं:
\( \log A = \log k + \frac{E_a}{2.303 \, R T} \)

👉 मान रखने पर:
\( \log A = \log (2.418 \times 10^{-5}) + \frac{179.9}{2.303 \times 8.314 \times 10^{-3} \times 546} \)

Step 1: पहला log term solve करो
\( \log (2.418 \times 10^{-5}) = \log 2.418 + \log 10^{-5} \)
\( = 0.383 - 5 = -4.617 \)

Step 2: Denominator solve करो
\( 8.314 \times 10^{-3} \times 546 = 4.539 \)
\( 2.303 \times 4.539 = 10.456 \)

Step 3: Fraction का मान निकालो
\( \frac{179.9}{10.456} = 17.21 \)

Step 4: दोनों terms जोड़ो
\( \log A = -4.617 + 17.21 \)
\( \log A = 12.59 \)

Final Answer
👉 antilog लेने पर:
\( A = \text{antilog}(12.59) \)
👉 \( A = 3.9 \times 10^{12} \, s^{-1} \)
क्या आप जानते हैं?
👉 Arrhenius समीकरण से A निकालने के लिए log वाला रूप सबसे आसान होता है
👉 Ea को हमेशा R की इकाई से match करो
👉 Exam Trick:
पहले log k निकालो → फिर Ea वाला term जोड़ो → antilog ले लो
Q.24: किसी अभिक्रिया A → उत्पाद के लिए k = 2.0 × 10⁻² s⁻¹ है। यदि A की प्रारम्भिक सांद्रता 1.0 mol L⁻¹ हो, तो 100 s के पश्चात इसकी सांद्रता ज्ञात कीजिए।
उत्तर
👉 100 s के बाद A की सांद्रता = 0.135 mol L⁻¹
व्याख्या
👉 यह प्रथम कोटि की अभिक्रिया है।

👉 प्रथम कोटि के लिए सूत्र:
\( k = \frac{2.303}{t} \log \left( \frac{a}{a-x} \right) \)

\( \log \left( \frac{a}{a-x} \right) = \frac{k \times t}{2.303} \)

Step 1: दिए गए मान
\( a = 1.0 \, \text{mol L}^{-1} \)
\( k = 2.0 \times 10^{-2} \, s^{-1} \)
\( t = 100 \, s \)

Step 2: RHS का मान निकालिए
\( \frac{k \times t}{2.303} = \frac{2.0 \times 10^{-2} \times 100}{2.303} \)
\( = \frac{2.0}{2.303} \)
\( = 0.868 \)

Step 3: log समीकरण लिखिए
\( \log \left( \frac{a}{a-x} \right) = 0.868 \)

Step 4: Antilog लें
\( \frac{a}{a-x} = \text{antilog}(0.868) \)
\( \frac{a}{a-x} = 7.38 \)

Step 5: शेष सांद्रता निकालिए
\( \frac{1.0}{1.0-x} = 7.38 \)
\( 1.0 - x = \frac{1}{7.38} \)
\( 1.0 - x = 0.135 \)

Final Answer
👉 100 s के बाद A की सांद्रता = 0.135 mol L⁻¹
क्या आप जानते हैं?
👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया में log वाला सूत्र सबसे ज़्यादा पूछा जाता है
👉 पहले \( \log \frac{a}{a-x} \) निकालो, फिर antilog
👉 Shortcut:
अगर \( kt = 2 \) हो, तो लगभग 86–87% अभिक्रिया हो चुकी होती है
Q.25: अम्लीय माध्यम में सुक्रोज का ग्लूकोज़ एवं फ्रक्टोज़ में विघटन प्रथम कोटि की अभिक्रिया है। इस अभिक्रिया की अर्धायु 3.0 घंटे है। 8 घंटे बाद नमूने में सुक्रोज का कितना अंश शेष रहेगा?
उत्तर
👉 8 घंटे बाद शेष सुक्रोज का अंश = 0.158 (≈ 15.8%)
व्याख्या
👉 यह प्रथम कोटि की अभिक्रिया है।

👉 प्रथम कोटि के लिए:
\( k = \frac{0.693}{t_{1/2}} \)

Step 1: k निकालें
\( k = \frac{0.693}{3.0 \, h} \)
\( k = 0.231 \, h^{-1} \)

👉 प्रथम कोटि का सूत्र:
\( k = \frac{2.303}{t} \log \left( \frac{[R]_0}{[R]} \right) \)

Step 2: मान रखें
\( [R]_0 = \) प्रारम्भिक सुक्रोज
\( [R] = \) 8 घंटे बाद शेष सुक्रोज
\( t = 8 \, \text{घंटे} \)

\( \log \left( \frac{[R]_0}{[R]} \right) = \frac{0.231 \times 8}{2.303} \)
\( \log \left( \frac{[R]_0}{[R]} \right) = 0.802 \)

Step 3: Antilog लें
\( \frac{[R]_0}{[R]} = \text{Antilog}(0.802) \)
\( \frac{[R]_0}{[R]} = 6.35 \)

Step 4: शेष अंश निकालें
मान लें \( [R]_0 = 1 \)
\( [R] = \frac{1}{6.35} \)
\( [R] = 0.158 \)
क्या आप जानते हैं?
👉 प्रथम कोटि की अभिक्रिया में अर्धायु स्थिर रहती है
👉 पहले t₁/₂ से k निकालो, फिर log वाला सूत्र लगाओ
👉 Quick Trick:
अधिक समय ⇒ शेष अंश बहुत तेजी से घटता है
Q.26: हाइड्रोकार्बन का विघटन निम्न समीकरण के अनुसार होता है:
k = (4.5 × 10¹¹ s⁻¹) e−28000 K/T
Ea (सक्रियण ऊर्जा) की गणना कीजिए।
उत्तर
👉 सक्रियण ऊर्जा (Ea) = 232.8 kJ mol⁻¹
व्याख्या
👉 Arrhenius समीकरण का सामान्य रूप होता है:
\( k = A e^{-E_a/RT} \)

👉 दिए गए समीकरण से तुलना करने पर:
\( -\frac{E_a}{RT} = -\frac{28000 \, K}{T} \)

👉 दोनों तरफ से T कट जाएगा, अतः:
\( \frac{E_a}{R} = 28000 \, K \)

Step 1: Ea निकालने का सूत्र
\( E_a = 28000 K \times R \)

Step 2: R (8.314 J K⁻¹ mol⁻¹) का मान रखें
\( E_a = 28000 \times K \times 8.314 \, \text{J mol}^{-1} \)
\( E_a = 232792 \, \text{J mol}^{-1} \)

Step 3: इकाई को kJ mol⁻¹ में बदलें
\( E_a = 232.8 \, \text{kJ mol}^{-1} \)
क्या आप जानते हैं?
👉 Arrhenius समीकरण में e के घात वाले पद से सीधे Ea निकाली जा सकती है
👉 अगर घात में K/T दिया हो, तो उसे \( E_a / R \) मान लो
👉 Exam Trick:
28000 × 8.314 ≈ 2.33 × 10⁵ J mol⁻¹ ⇒ 233 kJ mol⁻¹
Q.29: 298 K पर प्रथम कोटि (First Order) अभिक्रिया के 10% पूर्ण होने का समय, 308 K पर 25% पूर्ण होने के समय के बराबर है।
यदि A = 4 x 1010 s-1 हो, तो 318 K पर K तथा Ea की गणना कीजिए।
Answer (उत्तर)

👉 सक्रियण ऊर्जा \(Ea \approx 76.7\,kJ\,mol^{-1}\)
👉 318 K पर दर स्थिरांक \(K_{318}=1.03\times 10^{-2}\,s^{-1}\)
Explanation (व्याख्या – Step by Step)
👉 First order के लिए:
\(k=\frac{2.303}{t}\log\left(\frac{a}{a-x}\right)\)

Step 1: 10% और 25% completion के लिए \(\log\) वाले भाग लिखें
  10% पूर्ण \(\Rightarrow\) शेष = 90%
\(\frac{a}{a-x}=\frac{1}{0.90}\Rightarrow \log\left(\frac{1}{0.90}\right)\)

  25% पूर्ण \(\Rightarrow\) शेष = 75%
\(\frac{a}{a-x}=\frac{1}{0.75}\Rightarrow \log\left(\frac{1}{0.75}\right)\)

Step 2: समय बराबर है, इसलिए \(k\) का ratio बनेगा
क्योंकि \(t_{298}(10\%)=t_{308}(25\%)\), तो
\(\frac{k_{308}}{k_{298}}=\frac{\log\left(\frac{1}{0.75}\right)}{\log\left(\frac{1}{0.90}\right)}\approx \frac{\log(1.333)}{\log(1.111)}\approx 2.730\)

Step 3: अब Arrhenius ratio से \(E_a\) निकालें
\(\ln\left(\frac{k_{308}}{k_{298}}\right)=\frac{E_a}{R}\left(\frac{1}{298}-\frac{1}{308}\right)\)
\(\ln(2.730)\approx 1.004\)
\(E_a=(8.314)(1.004)\left(\frac{1}{298}-\frac{1}{308}\right)^{-1}\approx 7.665\times 10^{4}\,J\,mol^{-1}\)
\(\approx 76.7\,kJ\,mol^{-1}\)

Step 4: 318 K पर \(k\) निकालें (A दिया है)
\(k=Ae^{-\frac{E_a}{RT}}\)
\(k_{318}=4\times 10^{10}\exp\left(-\frac{76650}{(8.314)(318)}\right)\approx 1.03\times 10^{-2}\,s^{-1}\)

Did You Know (Important Point / Exam Trick)

👉 First order में % completion दिया हो तो सीधे \(\log\left(\frac{a}{a-x}\right)\) में fraction डाल दो |
👉 Equal time ⇒ \(k\) proportional to \(\log\left(\frac{a}{a-x}\right)\) |
Q.30: 293 K से 313 K तक ताप बढ़ाने पर किसी अभिक्रिया का वेग 4 गुना हो जाता है। यह मानते हुए कि \(E_a\) ताप के साथ नहीं बदलता, सक्रियण ऊर्जा निकालिए।
Answer (उत्तर)
👉 \(E_a = 5.2863\times 10^{4}\,J\,mol^{-1} \approx 52.8\,kJ\,mol^{-1}\)
Explanation (व्याख्या – Step by Step)
👉 Arrhenius (log form) का सूत्र:
\(\log_{10}\left(\frac{k_2}{k_1}\right)=\frac{E_a}{2.303\,R}\left(\frac{T_2-T_1}{T_1T_2}\right)\)

Step 1: दिए गए मान (Units सहित)
\(T_1=293\,K\)
\(T_2=313\,K\)
\(\frac{k_2}{k_1}=4\)
\(R=8.314\,J\,mol^{-1}\,K^{-1}\)

Step 2: \(E_a\) का सूत्र बनाएं
\(E_a=2.303\,R\left(\frac{T_1T_2}{T_2-T_1}\right)\log_{10}\left(\frac{k_2}{k_1}\right)\)

Step 3: \(\frac{T_1T_2}{T_2-T_1}\) निकालें
\(\frac{T_1T_2}{T_2-T_1}=\frac{(293)(313)}{313-293}=\frac{91709}{20}=4585.45\,K\)

Step 4: \(\log_{10}\left(\frac{k_2}{k_1}\right)\) निकालें
\(\log_{10}(4)=0.6021\)

Step 5: मान रखें और गणना करें
\(E_a=2.303\times 8.314\times 4585.45\times 0.6021=52863\,J\,mol^{-1}\)
\(E_a=52.8\,kJ\,mol^{-1}\)
Did You Know (Important / Exam Trick)
👉 वेग \(\propto k\), इसलिए वेग 4 गुना \( \Rightarrow \frac{k_2}{k_1}=4\)

👉 इस टाइप के सवाल में ये shortcut याद रखें:
\(E_a=2.303\,R\left(\frac{T_1T_2}{T_2-T_1}\right)\log_{10}\left(\frac{k_2}{k_1}\right)\)

👉 \(R\) को \(J\,mol^{-1}\,K^{-1}\) में रखने पर \(E_a\) \(J\,mol^{-1}\) में आता है; 1000 से divide करके \(kJ\,mol^{-1}\) बनता है।
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