📘 Class 10 Science Chapter 1 – रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण के इन short notes में chemical reactions, balanced chemical equations, types of reactions (combination, decomposition, displacement, double displacement), oxidation–reduction (redox), corrosion और rancidity को easy examples के साथ quick revision के लिए समझाया गया है।
रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction)
जब कोई रासायनिक परिवर्तन होता है, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण:
- हमारे शरीर में भोजन का पाचन
- लोहे का जंग लगना
चमकदार श्वेत लौ के साथ मैग्नीशियम (Mg) रिबन का दहन होता है और यह श्वेत चूर्ण में परिवर्तित हो जाता है। यह मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) का चूर्ण होता है।
यह MgO , वायु में उपस्थित ऑक्सीजन तथा मैग्नीशियम के बीच होने वाली अभिक्रिया के कारण बनता है।
रासायनिक समीकरण (Chemical Equation)
किसी रासायनिक अभिक्रिया को संकेतों के माध्यम से व्यक्त किया जाता है, जिसे रासायनिक समीकरण कहते हैं।
उदाहरण: जब ऑक्सीजन की उपस्थिति में मैग्नीशियम का दहन होता है, तब वह मैग्नीशियम ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है।
मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड
(अभिकारक) (उत्पाद)
2Mg(s) + O2(g) → 2MgO(s)
किसी भी रासायनिक अभिक्रिया को निम्न परिवर्तनों की सहायता से पहचाना जा सकता है:
- अवस्था में परिवर्तन
- रंग में परिवर्तन
- गैस का निष्कासन / उत्सर्जन
- तापमान में परिवर्तन
भौतिक अवस्थाओं के संकेत लिखना
रासायनिक समीकरण को अधिक सूचनापूर्ण बनाने के लिए अभिकारकों तथा उत्पादों के रासायनिक सूत्रों के साथ उनकी भौतिक अवस्था भी दर्शाई जाती है।
अभिकारकों तथा उत्पादों की गैसीय, द्रव, जलीय तथा ठोस अवस्थाओं को क्रमशः (g), (l), (aq), (s) से दर्शाया जाता है। जब कोई अभिकारक या उत्पाद जल में घुला हो, तो उसे (aq) के रूप में लिखते हैं।
अभिक्रिया की परिस्थितियाँ जैसे ताप, दाब, उत्प्रेरक आदि को तीर (→) के ऊपर या नीचे दर्शाया जाता है।
उदाहरण
CO(g) + 2H2(g) → CH3OH(l)
शर्त: 340 atm
6CO2(aq) + 12H2O(l)
→ C6H12O6(aq) + 6O2(g) + 6H2O(l)
शर्त: Sunlight, Chlorophyll
C6H12O6 = ग्लूकोज़
संतुलित रासायनिक समीकरण
किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों और उत्पादों के प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान करने की प्रक्रिया को समीकरण का संतुलन कहते हैं।
हिट एंड ट्रायल विधि (Hit and Trial Method)
Step-1: रासायनिक समीकरण को संतुलित करने के लिए सबसे पहले प्रत्येक रासायनिक सूत्र के चारों ओर एक बॉक्स बना लें। संतुलन करते समय सूत्र के अंदर कोई परिवर्तन नहीं किया जाता।
Step-2: असंतुलित समीकरण में उपस्थित विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या की सूची बनाएं।
Step-3: जिस यौगिक में किसी तत्व के परमाणु अधिक हों, उसे पहले संतुलित करें, चाहे वह अभिकारक पक्ष में हो या उत्पाद पक्ष में।
Step-4: अंत में दोनों ओर सभी तत्वों के परमाणुओं की संख्या जाँचें। यदि संख्या बराबर है तो समीकरण संतुलित है।
उदाहरण
निम्न अभिक्रिया को संतुलित कीजिए:
Fe + H2O → Fe3O4 + H2
Step-1 और Step-2: परमाणुओं की प्रारम्भिक गणना
| तत्व | अभिकारकों में परमाणु (LHS) | उत्पादों में परमाणु (RHS) |
|---|---|---|
| Fe | 1 | 3 |
| H | 2 | 2 |
| O | 1 | 4 |
Step-3: ऑक्सीजन को संतुलित करें
| ऑक्सीजन परमाणु | अभिकारक पक्ष | उत्पाद पक्ष |
|---|---|---|
| प्रारम्भ में | 1 (H2O में) | 4 (Fe3O4 में) |
| संतुलन हेतु | 4 × H2O | 4 |
इसलिए H2O के आगे 4 लगाया जाता है:
Fe + 4H2O → Fe3O4 + H2
ध्यान दें: गुणांक (coefficient) बाहर लगाया जाता है, जैसे 4H2O। सूत्र को H2O4 या (H2O)4 नहीं लिखते।
अब हाइड्रोजन संतुलित करें
| हाइड्रोजन परमाणु | अभिकारक पक्ष | उत्पाद पक्ष |
|---|---|---|
| प्रारम्भ में | 8 (4H2O में) | 2 (H2 में) |
| संतुलन हेतु | 8 | 4 × 2 |
इसलिए H2 के आगे 4 आएगा:
Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2
अब आयरन (Fe) संतुलित करें
| आयरन परमाणु | अभिकारक पक्ष | उत्पाद पक्ष |
|---|---|---|
| प्रारम्भ में | 1 (Fe में) | 3 (Fe3O4 में) |
| संतुलन हेतु | 3 × Fe | 3 |
Step-4: अंतिम जाँच
अब दोनों पक्षों में सभी तत्वों के परमाणुओं की संख्या समान है। अतः संतुलित समीकरण:
3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2
भौतिक अवस्थाओं सहित संतुलित समीकरण
3Fe(s) + 4H2O(l) → Fe3O4(s) + 4H2(g)
रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार
किसी रासायनिक अभिक्रिया में परमाणुओं के आपसी बंध टूटते और जुड़ते हैं, जिससे नए पदार्थों का निर्माण होता है।
सामान्यतः रासायनिक अभिक्रियाएँ मुख्य रूप से निम्न प्रकार की होती हैं:
- संयोजन अभिक्रिया
- वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
- द्वि-विस्थापन अभिक्रिया
- उष्माक्षेपी एवं उष्माशोषी अभिक्रियाएँ
- ऑक्सीकरण (उपचयन) एवं अपचयन (रेडॉक्स) अभिक्रियाएँ
(1) संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)
परिभाषा: ऐसी अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं, उसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण 1: कैल्शियम ऑक्साइड और जल की अभिक्रिया
CaO + H2O → Ca(OH)2 + उष्मा/ऊर्जा
कैल्शियम ऑक्साइड (चूना) + जल → कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (बुझा हुआ चूना)
उपयोग (सफेदी / Whitewash)
Ca(OH)2 के विलयन का उपयोग दीवारों की सफेदी करने में किया जाता है। यह वायु में उपस्थित CO2 के साथ धीरे-धीरे अभिक्रिया करके दीवारों पर कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) की पतली परत बना देता है, जिससे कुछ दिनों बाद दीवारों पर चमक आ जाती है।
Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → CaCO3(s) + H2O(l)
उदाहरण 2: कोयले का दहन
C(s) + O2(g) → CO2(g)
उदाहरण 3: जल का निर्माण
2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l)
(2) उष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया (Exothermic Reaction)
परिभाषा: वे अभिक्रियाएँ जिनमें उत्पाद बनने के साथ-साथ ऊष्मा/ऊर्जा भी उत्पन्न होती है, उन्हें उष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण 1: प्राकृतिक गैस (मीथेन) का दहन
CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + ऊर्जा
उदाहरण 2
शाक-सब्जियों/वनस्पति पदार्थों का विघटित होकर कम्पोस्ट बनना भी उष्माक्षेपी अभिक्रिया का उदाहरण है। श्वसन भी एक उष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
प्रश्न: श्वसन को उष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।
(3) वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया (Decomposition Reaction)
परिभाषा: वे अभिक्रियाएँ जिनमें एक ही अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद देता है, उसे वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया कहते हैं।
वियोजन अभिक्रिया तीन प्रकार की होती है:
- (a) ऊष्मीय वियोजन (Heat)
- (b) विद्युत-अपघटन (Current)
- (c) प्रकाशीय वियोजन (Sunlight)
(a) ऊष्मीय वियोजन (Thermal Decomposition)
उदाहरण 1: फेरस सल्फेट का अपघटन
2FeSO4(s) —(Heat)→ Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g)
(हरा रंग → हल्का भूरा रंग)
उदाहरण 2: कैल्शियम कार्बोनेट का अपघटन
CaCO3(s) —(Heat)→ CaO(s) + CO2(g)
उदाहरण 3: लेड नाइट्रेट का अपघटन
2Pb(NO3)2(s) —(Heat)→ 2PbO(s) + 4NO2(g) + O2(g)
(NO2 भूरा रंग का धुआँ)
(b) विद्युत-अपघटन (Electrolytic Decomposition)
जल का विद्युत-अपघटन:
2H2O(l) —(Current)→ 2H2(g) + O2(g)
प्रश्न: उपर्युक्त प्रयोग में एक परखनली में एकत्र गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों होती है? उस गैस का नाम बताइए।
(c) प्रकाशीय वियोजन (Photochemical Decomposition)
उदाहरण 1: सिल्वर क्लोराइड का प्रकाश में अपघटन
2AgCl(s) —(Sunlight)→ 2Ag(s) + Cl2(g)
उदाहरण 2: सिल्वर ब्रोमाइड का प्रकाश में अपघटन
2AgBr(s) —(Sunlight)→ 2Ag(s) + Br2(g)
इन अभिक्रियाओं का उपयोग श्याम-श्वेत फोटोग्राफी में किया जाता है।
(4) उष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction)
परिभाषा: जिन अभिक्रियाओं में ऊर्जा/ऊष्मा का अवशोषण होता है, उन्हें उष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।
वियोजन अभिक्रियाओं में अभिकारकों को तोड़ने हेतु ऊष्मा/प्रकाश/विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
उदाहरण:
Ba(OH)2 + 2NH4Cl → BaCl2 + 2NH4OH
(यह अभिक्रिया उष्मा शोषित करती है)
(5) विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)
परिभाषा: ऐसी अभिक्रिया जिसमें एक तत्व, दूसरे तत्व को उसके जलीय विलयन से विस्थापित कर देता है, उसे विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण 1: लोहे द्वारा ताँबे का विस्थापन
Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)
(नीला रंग फीका हो जाता है)
इस अभिक्रिया में Fe ने Cu को CuSO4 के विलयन से विस्थापित कर दिया।
अन्य उदाहरण
Zn(s) + CuSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Cu(s)
Pb(s) + CuCl2(aq) → PbCl2(aq) + Cu(s)
(6) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)
परिभाषा: वे अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, उन्हें द्वि-विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण
Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s)↓ + 2NaCl(aq)
इस अभिक्रिया में BaSO4 का सफेद अवक्षेप प्राप्त होता है।
नोट: अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction): जिस अभिक्रिया में अवक्षेप बनता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं। अवक्षेपण अभिक्रिया से प्रायः अविलेय लवण बनते हैं।
(7) ऑक्सीकरण (उपचयन) एवं अपचयन (Redox)
(A) ऑक्सीकरण / उपचयन (Oxidation)
अभिक्रिया के दौरान किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि या हाइड्रोजन की कमी होती है, तो उसे ऑक्सीकरण (उपचयन) कहते हैं।
उदाहरण:
2Cu + O2 —(Δ)→ 2CuO
इस प्रक्रिया में ताँबे की सतह पर CuO की काली परत बनती है।
(B) अपचयन (Reduction)
अभिक्रिया के दौरान किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की कमी या हाइड्रोजन की वृद्धि होती है, तो उसे अपचयन कहते हैं।
उदाहरण:
CuO + H2 —(Δ)→ Cu + H2O
यहाँ CuO की काली परत हटकर ताँबा (Cu) प्राप्त होता है।
(C) रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction)
जिस अभिक्रिया में एक पदार्थ का ऑक्सीकरण और दूसरे का अपचयन एक साथ होता है, उसे रेडॉक्स (Oxidation-Reduction) अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण:
ZnO + C → Zn + CO
दैनिक जीवन में उपचयन (ऑक्सीकरण) अभिक्रियाओं के प्रभाव
1) संक्षारण (Corrosion)
संक्षारण तब होता है जब किसी धातु की सतह पर वायु, जल या किसी अन्य पदार्थ की धुंधली/अवांछित परत चढ़ जाती है। इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।
संक्षारण के उदाहरण
- लोहे पर जंग लगना
- चाँदी के ऊपर काली परत बनना
- ताँबे के ऊपर हरी परत चढ़ना
संक्षारण से हानि
संक्षारण के कारण कार के ढाँचे, पुल, लोहे की रेलिंग, जहाज तथा अन्य धातु (विशेषकर लोहे) से बनी वस्तुओं की बहुत क्षति होती है।
संक्षारण से बचाव
लोहे को जंग से बचाने के लिए:
- पेंट करना
- तेल लगाना
- ग्रीस लगाना
- यशदलेपन (Galvanisation) करना
- एनोडीकरण (Anodisation) करना
- मिश्रधातु (Alloy) बनाना
यशदलेपन (Galvanisation)
लोहे/इस्पात को जंग से सुरक्षित रखने के लिए उस पर जस्ता (Zn) की पतली परत चढ़ाई जाती है। इसी को यशदलेपन कहते हैं।
2) विकृतगन्धिता (Rancidity)
तेलीय/वसायुक्त खाद्य सामग्री को यदि लंबे समय तक रखा जाए तो उसका स्वाद और गन्ध बदल जाती है। इसे विकृतगन्धिता कहते हैं।
विकृतगन्धिता रोकने के उपाय
- खाद्य सामग्री में ऑक्सीकरण रोकने वाले पदार्थ (प्रतिऑक्सीकारक / antioxidants) मिलाना
- वायु-रोधी (air-tight) बर्तनों में खाद्य सामग्री रखना
क्या आप जानते हैं?
चिप्स बनाने वाली कम्पनियाँ चिप्स की थैली के अंदर से ऑक्सीजन हटाकर उसमें नाइट्रोजन (N2) जैसी कम सक्रिय (inert) गैस भर देती हैं।
इससे चिप्स का ऑक्सीकरण (उपचयन) नहीं होता और वे विकृतगन्धिता (rancidity) से बचे रहते हैं, यानी चिप्स लंबे समय तक ताजे और कुरकुरे बने रहते हैं।
Question Bank (उत्तर सहित)
Q1) गर्मियों में दूध को कमरे के तापमान पर अधिक समय तक रखने पर क्या होता है?
उत्तर: गर्मियों में दूध को कमरे के तापमान पर अधिक समय तक रखने पर उसमें लैक्टिक अम्ल (lactic acid) बनने लगता है, दूध खट्टा हो जाता है और धीरे-धीरे फट भी सकता है। (यह सूक्ष्मजीवों की क्रिया से होता है)
Q2) जब मैग्नीशियम का वायु में दहन किया जाता है तो मैग्नीशियम ऑक्साइड बनता है। इस अभिक्रिया को समीकरण द्वारा दर्शाइए।
उत्तर (समीकरण):
2Mg + O2 → 2MgO
Q3) ताँबे के बर्तनों को वायु में खुला छोड़ने पर वे अपनी चमक क्यों खो देते हैं?
उत्तर:
वायु में मौजूद ऑक्सीजन, जलवाष्प और
CO2 के साथ ताँबा अभिक्रिया करके उसकी सतह पर
हरा आवरण बना देता है, जो सामान्यतः
क्षारीय ताम्र कार्बोनेट होता है:
CuCO3·Cu(OH)2
इसी परत के कारण ताँबे के बर्तन चमक खो देते हैं।
Q4) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की जस्ता (Zn) के साथ अभिक्रिया में कौन-सी गैस उत्पन्न होती है?
उत्तर:
हाइड्रोजन गैस (H2) उत्पन्न होती है।
समीकरण:
Zn + 2HCl → ZnCl2 + H2↑
Q5) Fe2O3 + 2Al → Al2O3 + 2Fe
उपरोक्त अभिक्रिया किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया है?
उत्तर: यह विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) है। यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया भी है और इसे थर्माइट अभिक्रिया (Thermite Reaction) कहा जाता है।
Q6) निम्न अभिक्रियाओं को संतुलित कीजिए
(i) HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + H2O
संतुलित समीकरण:
2HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + 2H2O
(ii) NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + H2O
संतुलित समीकरण:
2NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O
(iii) NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3
उत्तर:
यह पहले से संतुलित है:
NaCl + AgNO3 → AgCl↓ + NaNO3
(iv) BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + HCl
संतुलित समीकरण:
BaCl2 + H2SO4 → BaSO4↓ + 2HCl
